फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   People face problems.

Almora News: फैकल्टी है नहीं, बढ़ गया है काम का दबाव, मुझे मेडिकल कॉलेज छोड़ने की दो अनुमति

Thu, 28 Dec 2023 11:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Thu, 28 Dec 2023 11:29 PM IST
विज्ञापन
People face problems.
अल्मोड़ा। पहले से ही फैकल्टी की कमी से जूझ रहे अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में तैनात एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने कॉलेज छोड़ने के लिए आवेदन किया है। उन्होंने इसका कारण काम का दबाव बताया है।
विज्ञापन

कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक स्त्री रोग विभाग में एक प्रोफेसर, तीन एसोसिएट और चार असिस्टेंट प्रोफेसर सहित आठ पद होने चाहिए। वर्तमान में सिर्फ एक प्रोफेसर और दो असिस्टेंट प्रोफेसर तैनात हैं। अब एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने कॉलेज छोड़ने के लिए आवेदन किया है। महिला रोग विशेषज्ञ ने कॉलेज छोड़ा तो इसका सीधा असर महिला स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। संवाद
विज्ञापन

मानक 90 का हैं मात्र 60 शिक्षक
मेडिकल कॉलेज में संचालन के दो साल बाद भी फैकल्टी में पूरे पद नहीं भरे जा सके हैं। कॉलेज के विभिन्न विभागों में 90 शिक्षकों की जरूरत है जबकि तैनाती सिर्फ 60 की ही है। सीमित संख्या में तैनात लोंगों पर काम का दबाव बढ़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहाड़ नहीं चढ़ रहे डॉक्टर
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की कमी को पूरा करने के लिए शासन स्तर पर भी साक्षात्कार हुए। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक 30 से अधिक विशेषज्ञों ने साक्षात्कार में हिस्सा लिया और 20 से अधिक विशेषज्ञों का चयन किया गया। मेडिकल कॉलेज में सिर्फ दो शिक्षकों ने ही तैनाती ली। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक विशेषज्ञ पहाड़ नहीं चढ़ना चाह रहे हैं। संवाद
गर्भवतियों को रेफर करना मजबूरी
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की कमी के चलते गर्भवती महिलाओं को हायर सेंटर रेफर करना मजबूरी बन गया है। दो माह पूर्व ही बागेश्वर से मेडिकल कॉलेज पहुंची गर्भवती को हायर सेंटर रेफर किया गया। हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में उसका सामान्य प्रसव हुआ। 20 दिन पूर्व मेडिकल कॉलेज से रेफर गर्भवती का यहां से सिर्फ दो किमी दूर करबला के पास एंबुलेंस में सामान्य प्रसव हुआ।


शिक्षकों के पद पर तैनाती चुनौती बन गई है। कॉलेज प्रबंधन फैकल्टी की कमी के लिए लगातार साक्षात्कार कर रहा है। एक सहायक प्रोफेसर ने काम का दबाव अधिक होने का हवाला देते हुए कॉलेज छोड़ने के लिए आवेदन किया है। -प्रो. सीपी भैंसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed