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Almora News: मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक नहीं, जिला अस्पताल पर बढ़ा भार
Fri, 08 Dec 2023 12:48 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 08 Dec 2023 12:48 AM IST
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अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं का असर जिला अस्पताल पर भी पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक नहीं होने से जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर भार बढ़ गया है। हालात ये हैं कि मेडिकल कॉलेज को 70 प्रतिशत खून की आपूर्ति होने से जिला अस्पताल में व्यवस्था चरमराने लगी है।
420 करोड़ से खोले गए मेडिकल कॉलेज में संचालन के दो साल बाद भी ब्लड बैंक अस्तित्व में नहीं आ सका है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन खून के लिए जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर निर्भर है। ब्लड बैंक प्रबंधन के मुताबिक हर माह यहां जमा 70 प्रतिशत खून की मेडिकल कॉलेज को आपूर्ति की जा रही है जिससे जिला और महिला अस्पताल में भी व्यवस्था चरमराने लगी है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन यहां भर्ती मरीजों के लिए खून जिला अस्पताल से मंगा रहा है। ब्लड बैंक में पहले से ही खून की कमी है।
जिला, महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए किसी तरह इसकी व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज को खून की आपूूर्ति करने से कई बार जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान आफत में फंस रही है। ब्लड बैंक के मुताबिक सितंबर माह में मेडिकल कॉलेज को 53, अक्तूबर में 49, नवंबर में 53 यूनिट खून की आपूर्ति की गई। जिला अस्पताल से होने वाली खून की यह आपूर्ति मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावों की पोल खोल रही है।
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों के तीमारदार खून के लिए भटक रहे
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों के तीमारदार बदहाल व्यवस्थाओं का सामना करते हुए खून के लिए भटक रहे हैं। अपने मरीज की जान बचाने के लिए तीमारदारों को खून के लिए सात किमी दूर जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है। कई बार मेडिकल कॉलेज प्रबंधन खून न होने का हवाला देकर मरीजों को रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। 15 दिन पूर्व बागेश्वर से यहां पहुंची एक गर्भवती को खून न होने का हवाला देकर हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
दो माह बाद भी नहीं मिली ब्लड बैंक संचालन की अनुमति
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक बनकर तैयार हो चुका है और यहां लाखों की मशीनरी स्थापित है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने दो माह पूर्व ब्लड बैंक संचालन के लिए ड्रग विभाग को आवेदन भेजा है। अब तक यहां ब्लड बैंक सुचालन की अनुमति नहीं मिल सकी है। ऐसे में मरीजों के साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की परेशान है।
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
अल्मोड़ा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक का संचालन न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर भी पूरा भार है जिससे विवाद पैदा हो रहा है। चेतावनी दी कि जल्द मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक संचालित नहीं हुआ तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।
निश्चित तौर पर ब्लड बैंक से बड़ी मात्रा में खून की मेडिकल कॉलेज को आपूर्ति होने से दिक्कत बढ़ गई है। मरीज की जान बचाने के लिए खून देना जरूरी है। मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक संचालित होगा तो सभी को राहत मिलेगी।-डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।
ब्लड बैंक संचालन के लिए अनुमति मांगी गई है जो जल्द मिलेगी। ब्लड बैंक बनकर तैयार है।
प्रो. सीपी भैंसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा।
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420 करोड़ से खोले गए मेडिकल कॉलेज में संचालन के दो साल बाद भी ब्लड बैंक अस्तित्व में नहीं आ सका है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन खून के लिए जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर निर्भर है। ब्लड बैंक प्रबंधन के मुताबिक हर माह यहां जमा 70 प्रतिशत खून की मेडिकल कॉलेज को आपूर्ति की जा रही है जिससे जिला और महिला अस्पताल में भी व्यवस्था चरमराने लगी है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन यहां भर्ती मरीजों के लिए खून जिला अस्पताल से मंगा रहा है। ब्लड बैंक में पहले से ही खून की कमी है।
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जिला, महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए किसी तरह इसकी व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज को खून की आपूूर्ति करने से कई बार जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान आफत में फंस रही है। ब्लड बैंक के मुताबिक सितंबर माह में मेडिकल कॉलेज को 53, अक्तूबर में 49, नवंबर में 53 यूनिट खून की आपूर्ति की गई। जिला अस्पताल से होने वाली खून की यह आपूर्ति मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावों की पोल खोल रही है।
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों के तीमारदार खून के लिए भटक रहे
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों के तीमारदार बदहाल व्यवस्थाओं का सामना करते हुए खून के लिए भटक रहे हैं। अपने मरीज की जान बचाने के लिए तीमारदारों को खून के लिए सात किमी दूर जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है। कई बार मेडिकल कॉलेज प्रबंधन खून न होने का हवाला देकर मरीजों को रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। 15 दिन पूर्व बागेश्वर से यहां पहुंची एक गर्भवती को खून न होने का हवाला देकर हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
दो माह बाद भी नहीं मिली ब्लड बैंक संचालन की अनुमति
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक बनकर तैयार हो चुका है और यहां लाखों की मशीनरी स्थापित है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने दो माह पूर्व ब्लड बैंक संचालन के लिए ड्रग विभाग को आवेदन भेजा है। अब तक यहां ब्लड बैंक सुचालन की अनुमति नहीं मिल सकी है। ऐसे में मरीजों के साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की परेशान है।
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
अल्मोड़ा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक का संचालन न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर भी पूरा भार है जिससे विवाद पैदा हो रहा है। चेतावनी दी कि जल्द मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक संचालित नहीं हुआ तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।
निश्चित तौर पर ब्लड बैंक से बड़ी मात्रा में खून की मेडिकल कॉलेज को आपूर्ति होने से दिक्कत बढ़ गई है। मरीज की जान बचाने के लिए खून देना जरूरी है। मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक संचालित होगा तो सभी को राहत मिलेगी।-डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।
ब्लड बैंक संचालन के लिए अनुमति मांगी गई है जो जल्द मिलेगी। ब्लड बैंक बनकर तैयार है।
प्रो. सीपी भैंसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा।