फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Order to buy expensive books in primary schools

प्राइमरी स्कूलों में महंगी किताब खरीदने का आदेश

Sat, 28 Mar 2015 11:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा Updated Sat, 28 Mar 2015 11:17 PM IST
विज्ञापन
Order to buy expensive books in primary schools

स्कूलों में जरूरी संसाधन मुहैया कराने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं हैं, लेकिन हल्द्वानी के प्रकाशन की ‘उत्तराखंड ज्ञान कोष’ किताब को बिकवाने के लिए शिक्षा निदेशक तक चिंतित हैं। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने जिला शिक्षा अधिकारी (प्राशि) को आदेश जारी कर स्कूलों में विद्यालय निधि से यह किताब पुस्तकालय के लिए खरीदवाने को कहा है।

विज्ञापन


 निदेशक के आदेश का हवाला देकर जिला शिक्षा अधिकारी (प्राशि) ने भी मातहतों को इस किताब को खरीदने के लिए पत्र लिख दिया है। महत्वपूर्ण बताई गई किताब बच्चों के लिए कितनी उपयोगी है इसे जांचने की किसी ने जरूरत तक नहीं समझी। यदि प्रत्येक प्राइमरी स्कूल इस किताब को मंगाता है तो 1500 से अधिक किताबें जिले में खपा दी जाएंगी। इस आदेश से शिक्षक परेशान हैं। छूट में यह किताब 472 रुपए में बेची जा रही है। 
विज्ञापन


निदेशक प्रारंभिक शिक्षा उत्तराखंड देहरादून ने पत्रांक प्रा. शि./13327/2014-15 दिनांक तीन नवंबर 2014 को आदेश जारी कर एक प्रकाशन की किताब खरीदने के लिए जिले के शिक्षा अधिकारी को आदेश जारी किए हैं। निदेशक के आदेश के बाद अल्मोड़ा के जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) ने चार मार्च को जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और उप शिक्षा अधिकारियों (प्राशि) को किताब खरीदने के लिए पत्र जारी किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 डीईओ ने पत्र में कहा है कि निदेशक के पत्र के अनुपालन में बड़ी मुखानी हल्द्वानी से प्रकाशित ‘उत्तराखंड ज्ञान कोष’ किताब को स्कूल अनुदान की धनराशि से 20 फीसदी छूट में खरीदें।

आदेश के अनुसार पुस्तकालय में इस किताब को रखकर छात्र-छात्राओं को इसका लाभ देने को कहा गया है। 702 पृष्ठों की इस किताब का मूल्य 590 रुपए है। प्रकाशन इस किताब को स्कूलों में 20 फीसदी छूट पर 472 रुपए में बेच रहा है। जानकारी के अनुसार प्रकाशन की ओर से संकुल संसाधन केंद्र, ब्लाक संसाधन केंद्रों समेत कई स्कूलों में यह पुस्तक पहुंचा दी गई है।


 मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह कहते हैं कि निदेशक प्रारंभिक शिक्षा के पत्र के क्रम में बीईओ और उप शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं। किताब खरीदने के लिए स्कूलों के लिए कोई अनिवार्यता नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed