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रिस्कन नदी में कोरोना शवदाह गृह बनाने का फिर ग्रामीणों ने किया विरोध
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। विमांडेश्वर में हुई रिस्कन घाटी संघर्ष समिति की बैठक में रिस्कन नदी पर कोरोना शवदाह केंद्र बनाने का विरोध किया गया। कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद मांग पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इसको लेकर अब क्षेत्रवासी आंदोलन करेंगे। तय हुआ कि सोमवार को ग्रामीणों का शिष्टमंडल एसडीएम से भी मिलेगा।
जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने स्थल पर प्रदर्शन कर तहसील में एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भी दिया था। कहा कि नदी के आसपास के गांव के ग्रामीण इसी नदी से पीने का पानी और अन्य कार्यों के लिए पानी की पूर्ति करते हैं। इस स्थान पर कोरोना शवदाह गृह बनने से क्षेत्र में महामारी फैल सकती है।
बैठक में रिस्कन घाटी संघर्ष समिति अध्यक्ष हरवंश सिंह, जिला पंचायत सदस्य अंजू जोशी, खलना क्षेत्र पंचायत सदस्य जगदीश बुधानी, रणां क्षेत्र पंचायत सदस्य उषा देवी, सिमलगांव की आशा देवी, रणां प्रधान देवकी देवी, नैंणी के पंकज तिवारी, वलना की खीमा देवी, बनोली के प्रशांत सिंह, बेढुली की सीनू आर्या, पूर्व प्रधान संगठन अध्यक्ष महेश पंत, रमेश चंद्र पुजारी, जन सरोकार मंच के मोहन कांडपाल आदि थे।
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जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने स्थल पर प्रदर्शन कर तहसील में एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भी दिया था। कहा कि नदी के आसपास के गांव के ग्रामीण इसी नदी से पीने का पानी और अन्य कार्यों के लिए पानी की पूर्ति करते हैं। इस स्थान पर कोरोना शवदाह गृह बनने से क्षेत्र में महामारी फैल सकती है।
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बैठक में रिस्कन घाटी संघर्ष समिति अध्यक्ष हरवंश सिंह, जिला पंचायत सदस्य अंजू जोशी, खलना क्षेत्र पंचायत सदस्य जगदीश बुधानी, रणां क्षेत्र पंचायत सदस्य उषा देवी, सिमलगांव की आशा देवी, रणां प्रधान देवकी देवी, नैंणी के पंकज तिवारी, वलना की खीमा देवी, बनोली के प्रशांत सिंह, बेढुली की सीनू आर्या, पूर्व प्रधान संगठन अध्यक्ष महेश पंत, रमेश चंद्र पुजारी, जन सरोकार मंच के मोहन कांडपाल आदि थे।
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