थम नहीं रहा विभागों के विलय का विरोध
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उद्यान और कृषि विभाग के एकीकरण का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। विलय की नीति से कर्मचारी संगठनों में भारी आक्रोश है। संयुक्त उद्यान कार्मिक संगठन के आह्वान पर यहां चौबटिया स्थित निदेशालय में भी संयुक्त उद्यान कार्मिक मोर्चा का गठन किया गया है। तय हुआ कि मोर्चा काश्तकारों और उद्यान पंडितों को साथ लेकर इस नीति का विरोध करेगा। पदाधिकारियों ने विस उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान को ज्ञापन भी सौंपा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उद्यान विभाग के माध्यम से काश्तकारों, उद्यमियों और उद्यान पतियों को उद्यानिकीकरण का लाभ मिल रहा है, लेकिन राज्य सरकार विभाग को कृषि विभाग में विलय करने के लिए जोर लगा रही है, इस नीति से जहां उद्यमियों के हित प्रभावित होंगे, वहीं कर्मचारियों को भी वरिष्ठता सूची में खासा नुकसान झेलना पड़ेगा।
पर्वतीय क्षेत्र में उद्यानिकीकरण के विकास के उद्देश्य से यहां चौबटिया में उद्यान निदेशालय की स्थापना की गई है, विभाग उद्यान सचल दल और अन्य माध्यमों से किसानों को लाभ पहुंचा रहा है, कृषि विभाग में विलय होने से उद्यान विभाग का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। राज्य सरकार को औद्यानिकी के क्षेत्र में विकास करने की जरूरत थी, लेकिन सरकार तरह तरह के प्रयोग कर उद्यान विभाग को ही खत्म करने पर तुली हुई है। इस नीति का पुरजोर विरोध होगा। इस दौरान संयुक्त उद्यान कार्मिक मोर्चा का गठन किया गया, जिसके लिए कृष्ण चंद्र बुधानी अध्यक्ष चुने गए, जबकि चंदन राम मुख्य संयोजक, डा. बीएल वर्मा संयोजक बनाए गए, चंद्र मोहन पंत, तारा दत्त कांडपाल, जगदीश सिंह बिष्ट, जगत बिष्ट, आरएस बजेली, आरएस बोरा, नारायण सिंह, ध्रुव चंद्र सिंह रौतेला, दामोदर जोशी, दिनेश अधिकारी, नवीन बेलवाल, महेश राम, मोहन सिंह सदस्य बनाए गए हैं। डा. बृजेश कुमार गुप्ता सहित तमाम लोग मौजूद थे।