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जिला अस्पताल को पीपीपी मोड में देने का विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Sun, 17 May 2015 11:36 PM IST
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जिला अस्पताल को पीपीपी मोड में देने का विभिन्न सगठनों ने विरोध किया है। पालिका परिषद में हुई विभिन्न संगठनों की बैठक में इसके लिए जनजागरण चलाने का निर्णय लिया गया। अग्रिम रणनीति तय करने को 26 मई को दो बजे से पुन: पालिका सभागार में बैठक होगी। विभिन्न संगठन अपने माध्यम से राज्यपाल को भी ज्ञापन भेजेंगे।
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पालिका सभागार में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार के जिला अस्पताल को पीपीपी मोड में देने से स्वास्थ्य सुविधाएं आम जनता की पहुंच से बाहर हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, लेकिन स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण सेवा से हाथ पीछे खींचकर इसे निजी हाथों में देने जा रही है जो कि जनहित के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस मामले में जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी संगठन पीपीपी मोड के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएंगे।
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यदि इसके बाद भी सरकार ने इसे वपस नहीं लिया तो जनसंघर्ष शुरू किया जाएगा। बैठक में मदन लाल साह, उत्तराखंड संसाधन पंचायत के ईश्वर जोशी, भारत की जनवादी नौजवान सभा के यूसुफ तिवारी, दिनेश पांडे, सुनीता पांडे, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, सभासद अशोक पांडे, उलोवा के पूरन चंद्र तिवारी, दयाकृष्ण कांडपाल, नंदकिशोर वाल्मीकि, खजान मिश्रा, कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष जंग बहादुर थापा, अनिल कुमार आदि थे।
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