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Almora News: एक रात, तीन अस्पताल... इलाज के लिए भटकते मरीज की थम गई सांसें
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अल्मोड़ा। पहाड़ में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और रेफरल सिस्टम ने एक बार फिर एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया। दीवार से गिरकर घायल हुए पूर्व प्रधान गणेश गिरी रातभर इलाज के लिए तीन अस्पतालों की चौखट पर भटके। भतरौंजखान, रानीखेत और अल्मोड़ा के अस्पतालों तक चक्कर काटते-काटते उनके जीवन की डोर टूट गई।
परिवारजनों ने बताया कि भिकियासैंण विकासखंड के भौनली गांव के पूर्व प्रधान गणेश गिरी (42) सोमवार रात दीवार से गिर गए थे। हादसे में उनके सिर समेत शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। परिजन रात करीब 11 बजे उन्हें लेकर पीएचसी भतरौंजखान पहुंचे लेकिन अस्पताल में ताला लगा मिला। इससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर डॉक्टर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस को भी बुलाया गया।
तीमारदारों का आरोप है कि डॉक्टर के पहुंचने में काफी समय लगा। प्राथमिक उपचार के बाद गणेश गिरी को रानीखेत के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। रानीखेत पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अल्मोड़ा रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज पहुंचे जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गणेश गिरी के परिवार में पत्नी, मां और दो नाबालिग बच्चे हैं। ग्रामीणों के अनुसार वह परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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लापरवाही की हद : इमरजेंसी नंबर बंद मिला
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पीएचसी भतरौंजखान के इमरजेंसी नंबर में रिचार्ज नहीं था। कई बार फोन करने के बावजूद नंबर नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर अस्पताल में उपचार मिल जाता तो गणेश गिरी की जान बच सकती थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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डीएम ने दिए जांच के आदेश
गणेश गिरी के परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर उपचार मिल जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। घटना ने पर्वतीय क्षेत्रों की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारियों और रेफरल सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं।
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वर्जन
पीएचसी भतरौंजखान में एक डॉक्टर और फार्मासिस्ट तैनात हैं। रात करीब 11 बजे कुछ लोग मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। सूचना मिलने के बाद डॉक्टर मौके पर पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे तक मरीज का उपचार किया गया। मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। मामले की जांच की जा रही है। -हरीश चंद्र पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा
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परिवारजनों ने बताया कि भिकियासैंण विकासखंड के भौनली गांव के पूर्व प्रधान गणेश गिरी (42) सोमवार रात दीवार से गिर गए थे। हादसे में उनके सिर समेत शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। परिजन रात करीब 11 बजे उन्हें लेकर पीएचसी भतरौंजखान पहुंचे लेकिन अस्पताल में ताला लगा मिला। इससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर डॉक्टर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस को भी बुलाया गया।
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तीमारदारों का आरोप है कि डॉक्टर के पहुंचने में काफी समय लगा। प्राथमिक उपचार के बाद गणेश गिरी को रानीखेत के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। रानीखेत पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अल्मोड़ा रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज पहुंचे जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गणेश गिरी के परिवार में पत्नी, मां और दो नाबालिग बच्चे हैं। ग्रामीणों के अनुसार वह परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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लापरवाही की हद : इमरजेंसी नंबर बंद मिला
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पीएचसी भतरौंजखान के इमरजेंसी नंबर में रिचार्ज नहीं था। कई बार फोन करने के बावजूद नंबर नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर अस्पताल में उपचार मिल जाता तो गणेश गिरी की जान बच सकती थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
डीएम ने दिए जांच के आदेश
गणेश गिरी के परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर उपचार मिल जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। घटना ने पर्वतीय क्षेत्रों की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारियों और रेफरल सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं।
वर्जन
पीएचसी भतरौंजखान में एक डॉक्टर और फार्मासिस्ट तैनात हैं। रात करीब 11 बजे कुछ लोग मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। सूचना मिलने के बाद डॉक्टर मौके पर पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे तक मरीज का उपचार किया गया। मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। मामले की जांच की जा रही है। -हरीश चंद्र पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा