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पहली तारीख को ही लगने लगी पेंशनरों की लाइन

Fri, 02 Dec 2016 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराो अल्माेड़ा
अमर उजाला ब्यूूराो अल्माेड़ा Updated Fri, 02 Dec 2016 12:15 AM IST
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दिसंबर की पहली तारीख को नगर के सभी बैंकों में पेंशनरों और वेतनभोगी कर्मचारियों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है। सुबह से ही बैंक में वृद्ध महिला, पुरुष पेंशनरों के अलावा वेतनभोगी कर्मचारी भी घर चलाने के लिए पैसे निकालने पहुंच चुके हैं। अलग-अलग काउंटरों में लगी लोगों की लंबी लाइनों से निपटने के लिए बैंक कर्मचारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। इधर बैंकों में अभी तक पांच सौ की नई करेंसी नहीं पहुंची है। 


बृहस्पतिवार को सुबह से ही नगर के एसबीआई, पीएनबी, एचडीएफसी, सेंट्रल बैंक, अरबन और ग्रामीण बैंकों में लोग सैलरी और पेंशन लेने के लिए पहुंचने लगे हैं। इन बैंकों के खाता धारक लंबी लंबी लाइनें लगाकर काउंटरों में अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। बैंकों में सबसे ज्यादा भीड़ पेंशनरों की रही जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल रहे। इसके अलावा वेतनभोगी कर्मचारी भी माह शुरू होने पर घर का खर्च चलाने के लिए रकम निकालने बैंक पहुंचे हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों से भी काफी संख्या में लोग पैसा निकालने बैंक पहुंच रहे हैं। एटीएम में भी सीमित पैसा निकालने के लिए लोगों की लाइनें लगनी शुरू हो गई हैं। कुछ एटीएम पिछले कई दिनों से पैसा नहीं होने के कारण बंद हैं। पांच सौ का नोट बैंकों में नहीं पहुंचने से आम पब्लिक और व्यापारियों को दिक्कत हो रही है। एसबीआई मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक जगदीश कुमार ने बताया कि पेंशनर काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। बैंक के पास भी अभी उनको देने के लिए कैश है। उन्होंने बताया कि आरबीआई से दस दिसंबर तक और  करेंसी आने की उम्मीद है। 
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। दो दिन से व्यापारियों के पास भी ग्राहकों को देने के लिए खुले पैसे नहीं हो रहे हैं। बैंक से पेंशन और वेतन ले रहे कर्मचारियों को दो हजार के नोट मिल रहे हैं। जिससे बाजार में सामान खरीदारी में दिक्कत आ रही है। हालांकि कुछ व्यापारी अभी भी उधारी पर लोगों को सामान दे रहे हैं जबकि कुछ ने दुकानों में स्वाइप और पेटीएम की सुविधा भी उपलब्ध करा रखी है, लेकिन अल्मोड़ा में अधिकांश लोग ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं उनके पास इन सुविधाओं का लाभ उठाने की जानकारी भी नहीं है। मिठाई व्यापारी दीवान सिंह पवार ने बताया कि दो दिन से ग्राहक फिर से दो हजार का नोट देकर सामान खरीद रहे हैं। जिसके लिए खुले पैसे की दिक्कतें सामने आ रही हैं। 
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