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बिलों का भुगतान न होने पर गल्ला विक्रेताओं ने दी इस्तीफे की चेतावनी
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Not Payment For Galla Vendors
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अल्मोड़ा। ऑनलाइन खाद्यान्न वितरण और विभिन्न योजनाओं के बिलों का भुगतान न होने से सस्ता गल्ला विक्रेता परेशान हैं। उन्होंने बिलों का भुगतान न होने पर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी। पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति ने डीएम के माध्यम से खाद्य नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव को ज्ञापन भेजा।
बताया कि विक्रेताओं पर अनुचित दबाव बनाकर विभाग ऑनलाइन खाद्यान्न वितरण के लिए उनका उत्पीड़न कर रहा है। कई बार अनुरोध करने के बाद भी शासन ने ऑनलाइन काम करने के लिए नेट खर्च स्वीकृत नहीं किया है। कम लाभांश में ऑनलाइन खाद्यान्न वितरण संभव नहीं है। यदि शासन वर्तमान दरों पर नेट खर्च स्वीकृत करता है तो इस पर विचार करना संभव हो सकता है।
उन्होंने कहा कि शासन, प्रशासन का कहना है कि विभिन्न योजनाओं के बिलों का भुगतान विभाग को कर दिया गया है लेकिन लंबे समय बाद भी अधिकतर विक्रेताओं के बिलों का भुगतान नहीं हो पाया है। इससे विक्रेता अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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यदि बिना नेट खर्च के विक्रेताओं को ऑनलाइन काम करने को बाध्य कर उनकी उत्पीड़न कर बिलों को भुगतान नहीं किया तो संगठन पुन: हड़ताल कर सामूहिक त्यागपत्र देगा। ज्ञापन में प्रदेश अध्यक्ष मनोज वर्मा, जिलाध्यक्ष संजय साह रिक्खू, महामंत्री केशर सिंह खनी आदि के हस्ताक्षर थे।
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बताया कि विक्रेताओं पर अनुचित दबाव बनाकर विभाग ऑनलाइन खाद्यान्न वितरण के लिए उनका उत्पीड़न कर रहा है। कई बार अनुरोध करने के बाद भी शासन ने ऑनलाइन काम करने के लिए नेट खर्च स्वीकृत नहीं किया है। कम लाभांश में ऑनलाइन खाद्यान्न वितरण संभव नहीं है। यदि शासन वर्तमान दरों पर नेट खर्च स्वीकृत करता है तो इस पर विचार करना संभव हो सकता है।
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उन्होंने कहा कि शासन, प्रशासन का कहना है कि विभिन्न योजनाओं के बिलों का भुगतान विभाग को कर दिया गया है लेकिन लंबे समय बाद भी अधिकतर विक्रेताओं के बिलों का भुगतान नहीं हो पाया है। इससे विक्रेता अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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यदि बिना नेट खर्च के विक्रेताओं को ऑनलाइन काम करने को बाध्य कर उनकी उत्पीड़न कर बिलों को भुगतान नहीं किया तो संगठन पुन: हड़ताल कर सामूहिक त्यागपत्र देगा। ज्ञापन में प्रदेश अध्यक्ष मनोज वर्मा, जिलाध्यक्ष संजय साह रिक्खू, महामंत्री केशर सिंह खनी आदि के हस्ताक्षर थे।