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Almora News: सड़क से दूर सल्ट के 11 गांव

Fri, 24 Feb 2023 11:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Fri, 24 Feb 2023 11:49 PM IST
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No Road in Rural Sult
मौलेखाल (सल्ट)। सड़कें विकास की धुरी हैं लेकिन सल्ट विकासखंड के 11 ऐसे दूरस्थ गांव आज भी सड़क से वंचित हैं। सड़क न होने से गांव तक न वाहन पहुंच सका और न ही एंबुलेंस। ऐसे में आज भी यहां के बीमारों और गर्भवतियों के लिए डोली ही एंबुलेंस है। 1,100 रुपये में रीफिल होने वाला गैस सिलिंडर जब गांवों में 1,500 रुपये में पहुंच रहा है तो ग्रामीणों ने इसे भरवाना ही बंद करना पड़ा है।
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सल्ट विकासखंड में मुख्य सड़क से पांच से आठ किमी दूर खदेरा, रगड़गाड़, बरहलिया, जसपुर तल्ला, मयालबाखली, नेवलगांव, कुमियाचौड़, पीठ, ढहला, औंलेत, सिंगरौ गांव के बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं सहित यहां की पांच हजार की आबादी की गांव तक सड़क पहुंचने की उम्मीद कब पूरी होगी यह कोई नहीं जानता। उनकी समस्या तब बढ़ जाती है जब कोई बीमार होता है या गर्भवती प्रसव वेदना से जूझती है।
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ऐसे में यहां के ग्रामीण डोली के सहारे खड़ी चढ़ाई, तीखी ढलान, गाड़-गधेरों और बदहाल रास्तों के बीच उन्हें किसी अस्पताल पहुंचाते हैं तब जाकर उन्हें उपचार मिल पाता है। सभी ग्रामीण साल से सड़क की उम्मीद पाले हैं जो पूरी नहीं हो सकी है जबकि विकास के लिए जरूरी बताकर हर गांव को सड़क से जोड़ने के दावे हो रहे हैं।
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एक दशक में 35 प्रतिशत ग्रामीणों ने किया पलायन
मौलेखाल। सड़क सुविधा के अभाव में इन गांवों की 35 प्रतिशत आबादी ने बीते एक दशक में पलायन किया है। जसपुर तल्ला के प्रधान प्रकाश चंद्र और रगड़गाड़ के 70 वर्षीय बुजुर्ग जगत सिंह ने बताया कि आसपास के गांवों की एक दशक पूर्व तक करीब आठ हजार से अधिक की आबादी थी जो अब पांच हजार के करीब रह गई है। इस पलायन की मुख्य वजह गांव तक सड़क न पहुंचना बताया। कहा कि किसान अपने उत्पाद बाजार नहीं पहुंचा पाते और वे खेतों में ही बर्बाद हो रहे हैं। ऐसे में अधिकतर युवाओं को रोजगार के लिए महानगरों में जाना पड़ता है जो अब वहीं के होकर रह गए हैं।



बोले ग्रामीण
कई साल से हम सड़क का इंतजार कर रहे हैं लेकिन यह इंतजार कब खत्म होगा कोई नहीं जानता। बीमारों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाया जाता है लेकिन हमारी परेशानी किसी को नहीं दिख रही। - गीता देवी, प्रधान रगड़गाड़।

सड़क की राह देखते उम्र गुजर गई है। कई साल से हम सड़क की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। अब तो हमने यह उम्मीद ही छोड़ दी है। - जगत सिंह, रगड़गाड़।

सड़क के अभाव में गांव से लगातार पलायन हो रहा है। अगर गांव तक सड़क पहुंचती हो यहां का विकास होता। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में गांव खाली हो रहे हैं। बावजूद इसके गांवों को सशक्त बनाने के दावे हो रहे हैं। - प्रकाश चंद्र, प्रधान, जसपुर तल्ला।

सड़क न होने से प्रसव पीड़िताओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा है। कई बार सड़क की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। - हेमा देवी, प्रधान, खदेरागांव।





इन गांवों को जोड़ने के लिए निर्माणाधीन कुलोली-देवीखाल सड़क में कुछ विवाद चल रहा है। संबंधित ठेकेदार को जल्द काम शुरू करने के लिए पत्र जारी किया गया है। सड़क निर्माण के गंभीरता से प्रयास हो रहे हैं। - ओंकार पांडे, ईई, लोनिवि, रानीखेत।
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