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कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित न रहे
almora
Updated Fri, 28 Apr 2017 10:41 PM IST
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विवेकानंद इंटर कालेज अल्मोड़ा में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में प्रभारी जिला जज और अपर जिला जज ओम कुमार ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39 (क) में यह व्यवस्था दी गई है कि कोई भी व्यक्ति अपनी आर्थिक कमजोरी और असमर्थता के कारण न्याय पाने से वंचित न रहे।
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उन्होंने बाल विवाह, भिक्षावृत्ति कानून, घरेलू हिंसा अधिनियम दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 में भरण पोषण चाहने के लिए बच्चों के अधिकारों के बारे में जानकारी दी। प्राधिकरण के सचिव डा. शेष चंद्र ने कहा कि नैसर्गिक न्याय का महत्वपूर्ण सिद्धांत यह है कि प्रत्येक पक्षकार को अपने पक्ष को रखने का युक्ति संगत और पूर्ण अवसर मिलना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि विधिक सेवा संस्थाएं नशीले पदार्थों की तस्करी और मादक पदार्थों के उन्मूलन में बड़ा योगदान दे सकती हैं। निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने समाज में व्याप्त नशाखोरी और उसके निदान के बारे में जानकारी दी। सीडीपीओ गीता बिष्ट ने बाल कल्याण योजनाओं के बारे में बताया। इस मौके पर प्राधिकरण द्वारा एक हजार कानूनी ज्ञान माला पुस्तकों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में लक्षिता बिष्ट, विनीता आर्या, भावना आर्या, सुनीता रानी आदि मौजूद थे।
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