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पौराणिक गणेश मंदिर निर्माण को लेकर हुई बैठक
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चौखुटिया में रामगंगा के किनारे गणेश जी की पौराणिक मूर्ति का दर्शन कर मंदिर निर्माण के लिए स्थल का
- फोटो : ALMORA
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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। ग्राम पंचायत धुधलिया महर से लगे रामगंगा नदी के किनारे कुछ समय पहले मिली गणेश जी की मूर्ति की प्रतिस्थापना के संबन्ध में हुई बैठक में सभी क्षेत्रवासियों ने एकमत होकर भव्य मन्दिर निर्माण का संकल्प लिया। इस मौके पर मंदिर निर्माण समिति का गठन भी किया गया। दीपक चन्द्र जोशी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया।
बैठक के मुख्य संयोजक डा. कुलदीप सिंह बिष्ट ने बैठक में कहा कि पौराणिक गणेश मूर्ति कत्यूर वंश के राजवंश की धरोहर है उन्होंने कहा कि ऐसा माना जाता है कि इसी पौराणिक गणेश जी के नाम पर ही गणैं, गनाई और गेवाड़ नाम की उत्पत्ति हुई है। इसलिये इस पौराणिक, आध्यात्मिक धरोहर व हमारे मूल पहचान को संजोना सभी का नैतिक कर्तव्य है ।
बैठक में गणेश मंदिर नवनिर्माण समिति का गठन भी किया गया है। इसमें उपाध्यक्ष बीरेंद्र अधिकारी, कृपाल अटवाल, भगवत अधिकारी व भगवत सिंह बिष्ट को चुना गया। इसी तरह सचिव गोकुलानन्द व प्रदीप रिखाड़ी , कोषाध्यक्ष मदन कन्याल व महेश सिंह बिष्ट, संप्रेक्षक नारायण कन्याल को चुना गया। 22 लोगों का संरक्षक मंडल भी गठित किया गया। जिसमें डॉ. कुलदीप सिंह बिष्ट, लीलाधर मठपाल, सुरेन्द्र सिंह मनराल आदि थे।
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बैठक के मुख्य संयोजक डा. कुलदीप सिंह बिष्ट ने बैठक में कहा कि पौराणिक गणेश मूर्ति कत्यूर वंश के राजवंश की धरोहर है उन्होंने कहा कि ऐसा माना जाता है कि इसी पौराणिक गणेश जी के नाम पर ही गणैं, गनाई और गेवाड़ नाम की उत्पत्ति हुई है। इसलिये इस पौराणिक, आध्यात्मिक धरोहर व हमारे मूल पहचान को संजोना सभी का नैतिक कर्तव्य है ।
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बैठक में गणेश मंदिर नवनिर्माण समिति का गठन भी किया गया है। इसमें उपाध्यक्ष बीरेंद्र अधिकारी, कृपाल अटवाल, भगवत अधिकारी व भगवत सिंह बिष्ट को चुना गया। इसी तरह सचिव गोकुलानन्द व प्रदीप रिखाड़ी , कोषाध्यक्ष मदन कन्याल व महेश सिंह बिष्ट, संप्रेक्षक नारायण कन्याल को चुना गया। 22 लोगों का संरक्षक मंडल भी गठित किया गया। जिसमें डॉ. कुलदीप सिंह बिष्ट, लीलाधर मठपाल, सुरेन्द्र सिंह मनराल आदि थे।
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