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जरूरत 89 करोड़ की, मिले मात्र 3.81 करोड़
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 17 Oct 2016 11:25 PM IST
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जिले के ग्रामीण इलाकों में इस जाड़े के मौसम में भी बिजली अव्यवस्था दूर होने की उम्मीद नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए ट्रांसफार्मर स्थापित करने, बिजली पोल लगाने के अलावा अन्य सुधारीकरण कार्यों के लिए विद्युत विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में 89 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन इसके सापेक्ष विभाग को मात्र 3.81 करोड़ रुपये ही मिले हैं।
बिजली विभाग के जिले में अल्मोड़ा और रानीखेत दो डिवीजन हैं। ग्रामीण इलाकों में शाम होते ही लो-वोल्टेज रहना आम बात है। जाड़े के मौसम में लोड बढ़ने पर आए दिन कई इलाकों में बिजली गुल हो जाती है। अनेक स्थानों पर झूलते बिजले के तार खतरा बने हुए हैं। बिजली को पोल भी जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं। जाड़े के मौसम में लोड बढ़ने पर बिजली की समस्या और अधिक गहरा जाती है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में जंगल से गुजरने वाली लाइन में फाल्ट आते रहता है। खासकर जिले के धौलादेवी, लमगड़ा, हवालबाग, भैंसियाछाना, ताकुला ब्लॉक के गांवों में खराबी आने से बिजली गुल हो जाती है। ग्रामीण विद्युतीकरण खंड हल्द्वानी के पास जिले की बिजली सुधारीकरण कार्य का जिम्मा है। दीन दयाल ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में 25 केवी और 63 केवी के नए ट्रांसफार्मर लगाने, जीर्ण-शीर्ण पोल बदलने, एक्सटेंशन लाइन बिछाने, लाइनों के खराब पड़े कंडक्टर बदलने आदि कार्यों के लिए शासन को 89 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन इन कार्यों के लिए शासन से नाममात्र की 3.81 करोड़ रुपये की धनराशि ही स्वीकृत हुई है। जिससे फिलहाल जल्द ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली समस्या दूर होने की संभावना नहीं है।
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