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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Naini has not reached the 'Money'

नैनी तक नहीं पहुंची ‘मनी’

Wed, 14 Sep 2016 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Wed, 14 Sep 2016 11:15 PM IST
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आर्थिक, सामाजिक और खेतीबाड़ी के लिहाज से बेहद समृद्ध नैनी क्षेत्र आजादी के 69 साल बाद भी बैंकिंग सेवाओं के लिए जूझ रहा है। नैनी क्षेत्र की 19 ग्राम पंचायतें धौलादेबी और भैसियाछाना ब्लॉकों के साथ ही जागेश्वर और अल्मोड़ा विधान सभाओं के बीच फंसी हैं। नैनी तक बैंकिंग सेवा नहीं पहुंचने से ग्रामीणों को पनुवानौला स्थित एसबीआई बैंक आना पड़ता है। दुर्गम गांव के लोगों को बैंक आने एवं जाने के लिए दो दिन का सफर तय करना पड़ता है। 

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नैनी बड़ा पड़ाव है। ब्रिटिश काल से यह क्षेत्र समृद्ध रहा है। अंग्रेजी हुकूमत में अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों को जोड़ने का नजदीकी एकमात्र पैदल रास्ता नैनी से ही गुजरता था, जो आज भी है। तब पैदल राहगीर नैनी में ही रात्रि पड़ाव डालते थे। सरयू नदी पार एवं वार के लोगों के आवागमन से नैनी आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में दूसरे इलाकों की तुलना में काफी आगे रहा।
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आजादी के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों को बेसिक बुनियादी सुविधाएं तो मिल गई, लेकिन बैंकिंग सेवा नहीं मिली है। भगवान सिंह खनी बताते हैं, नैनी इलाके में 19 ग्राम पंचायतें हैं। बमोरी, जिंगल, नाली अति दुर्गम गांव हैं। हरड़ा, तड़खेत, खड़यारी, जागरकोट, चनकिला, तड़खेत, कोटा, जामणी, नैलपड़, सिलंगी एवं आसपास के गांव सीधे नैनी से जुड़े हैं। इन गांवों तक सड़क नहीं है। नैनी तक ही मोटर मार्ग है। अति दुर्गम गांवों से नैनी पहुंचने में करीब 20 से 25 किमी पैदल सफर करना पड़ता है। दलीप सिंह कार्की के मुताबिक क्षेत्र की आबादी करीब 15 हजार से अधिक है।
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एक इंटर कालेज, दो हाईस्कूल, दो जूनियर हाईस्कूल, आईटीआई, अस्पताल, राजस्व एवं वन विभाग के कार्यालयों से जुड़े दर्जनों कर्मचारी हैं। नैनी में करीब 35 दुकानें हैं। हर ग्राम पंचायत में 15 से 20 पेंशनर हैं। मदन सिंह रावत कहते हैं स्कूली बच्चों की जनधन योजना की छात्रवृत्ति, कर्मचारियों की तनख्वाह, सामाजिक एवं सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन बैंक के माध्यम से ही जारी होती है। बैंक पनुवानौला में है। दुर्गम गांव के लोग पनुवानौला बैंक पहुंचने के लिए नैनी तक पैदल आते हैं और वही रात्रि पड़ाव डालते हैं। हयात सिंह कहते हैं, नैनी में एसबीआई की ब्रांच खोलने के लिए जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक गुहार लगा चुके हैं। लेकिन बैंकिंग सुविधा से नैनी आज तक नहीं जुड़ा है। 

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