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सरकार की लापरवाही ने ली दलित नेता जगदीश की जान: तिवारी
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रानीखेत अस्पताल में मृतक के भाई और भतीजे के साथ पीसी तिवारी। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पार्टी के युवा साथी और सल्ट क्षेत्र के उभरते नेता जगदीश चंद्र की निर्मम हत्या से उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी काफी गमजदा और आक्रोश में हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। पुलिस को बार-बार चेताने के बावजूद जगदीश की सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम नहीं किए गए। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, जगदीश के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेंगे।
उन्होंने कहा कि सामाजिक, राजनीतिक क्षेत्र में तेजी से उभर रहे पनुवाद्योखन गांव के जगदीश चंद्र हेलंग की घटना के ख़िलाफ़ नैनीताल चलो कार्यक्रम में भागीदारी की तैयारी में थे लेकिन बार-बार फोन करने के बावजूद जब उनका फोन नहीं उठा तो उन्हें अनहोनी की आहट हो गई थी।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर उन्हें चाहे जितना संघर्ष करना पड़ेगा करेंगे। जगदीश चंद्र को दबंगों ने सुनियोजित रूप से भिकियासैंण में पकड़ लिया। उनके अपहरण की सूचना पर उपपा ने डीएम और एसडीएम से बात कर उनको ढूंढने के लिए कहा। इसके बाद भिकियासैंण में ही एक वाहन से उनकी पत्नी के सौतेले बाप, भाई और मां के साथ जगदीश चंद्र का शव बरामद हो गया।
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उन्होंने कहा कि दबंग भिकियासैंण से अधिवक्ता और उपपा नेता नारायण राम के घर जगदीश की पत्नी को ढूंढने और हत्या करने के इरादे से आए थे। कहा कि यह घटना उत्तराखंड और देश को शर्मसार करने वाली वाली है। मामले की उच्च स्तरीय जांच हो, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से जगदीश के परिवार को संरक्षण प्रदान करते हुए एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि सामाजिक, राजनीतिक क्षेत्र में तेजी से उभर रहे पनुवाद्योखन गांव के जगदीश चंद्र हेलंग की घटना के ख़िलाफ़ नैनीताल चलो कार्यक्रम में भागीदारी की तैयारी में थे लेकिन बार-बार फोन करने के बावजूद जब उनका फोन नहीं उठा तो उन्हें अनहोनी की आहट हो गई थी।
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उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर उन्हें चाहे जितना संघर्ष करना पड़ेगा करेंगे। जगदीश चंद्र को दबंगों ने सुनियोजित रूप से भिकियासैंण में पकड़ लिया। उनके अपहरण की सूचना पर उपपा ने डीएम और एसडीएम से बात कर उनको ढूंढने के लिए कहा। इसके बाद भिकियासैंण में ही एक वाहन से उनकी पत्नी के सौतेले बाप, भाई और मां के साथ जगदीश चंद्र का शव बरामद हो गया।
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उन्होंने कहा कि दबंग भिकियासैंण से अधिवक्ता और उपपा नेता नारायण राम के घर जगदीश की पत्नी को ढूंढने और हत्या करने के इरादे से आए थे। कहा कि यह घटना उत्तराखंड और देश को शर्मसार करने वाली वाली है। मामले की उच्च स्तरीय जांच हो, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से जगदीश के परिवार को संरक्षण प्रदान करते हुए एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।