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Almora News: मां नंदा-सुनंदा तू दैण है जाए...
Thu, 24 Sep 2026 12:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:01 AM IST
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नंदा देवी मंदिर में मां नंदा सुनंदा के डोला यात्रा को देखने उमड़ी भीड़।
अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के बीच मां नंदा-सुनंदा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शंख ध्वनि और मां नंदा-सुनंदा तू दैण है जाए... के जयकारों के बीच मां को विदाई देने के लिए भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने डोले पर पुष्प वर्षा कर समूचे क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की जिसके बाद विधि-विधान से मूर्तियों का विसर्जन किया गया।
बुधवार को एकादशी पर आस्था, परंपरा और अटूट श्रद्धा के संगम के साथ सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा पूरी तरह मां नंदा-सुनंदा के रंग में सराबोर हो गई। जब मां के पावन डोले ने नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान किया तो हर आंख छलक उठी और समूचा जनमानस भक्ति के महासागर में हिलोरें लेने लगा। पुष्पवर्षा और कपूर की महक के बीच भक्तों ने शीश नवाकर समूचे अंचल की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मन्नतें मांगी।
नंदादेवी मंदिर में मां नंदा-सुनंदा की आरती की गई। मंदिर परिसर से शाम 4:40 बजे मां नंदा-सुनंदा के डोले की शोभायात्रा निकली। डोला नंदादेवी बाजार, माल रोड होते हुए जीजीआईसी परिसर के पास मां भगवती मंदिर के सामने माल रोड पर रोका गया। परंपरा के अनुसार यहां से नंदा-सुनंदा को मंदिर के दर्शन कराए गए। इस भगवती मंदिर को मां नंदा-सुनंदा का मायका भी कहा जाता है। नंदा-सुनंदा को मायके के दर्शन कराकर शोभायात्रा माल रोड से सीढ़ी बाजार, कचहरी बाजार, जौहरी बाजार, गंगोला मोहल्ला, थाना बाजार, पल्टन बाजार, सर्किट हाउस होते हुए दुगालखोला स्थित नौले पर पहुंची। विधि-विधान से मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों का विसर्जन किया गया। शोभायात्रा में चंद वंशज युवराज नरेंद्र चंद्र राज सिंह, युवरानी कामाक्षी सिंह, कुंवर सोमेश्वर चंद सिंह, कुंवर सिद्धेश्वर चंद सिंह, मैत्रेयी देवी सिंह, रुद्र नारायण सिंह, विक्रम सिंह, राजा करन चंद सिंह, नंदादेवी मेला समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा, मुख्य संयोजक तारा चंद्र जोशी, सचिव मनोज सनवाल, मेला संयोजक अर्जुन बिष्ट, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, कैलाश शर्मा, दायित्वधारी कुंदन लटवाल, गोविंद पिलख्वाल, गंगा बिष्ट, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, शोभा जोशी, मेयर अजय वर्मा, बिट्टू कर्नाटक, हरीश बिष्ट, कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, रवि रौतेला, डीसीबी के पूर्व अध्यक्ष ललित लटवाल आदि शामिल रहे।
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चंद वंशज और राजपुरोहित परिवार ने की आरती
ड्योलीपोखर स्थित जगदंबा दरबार में चंद वंशज और राजपुरोहित परिवार ने पूजा-अर्चना की। यहां चंद वंशज सोमेश्वर चंद्र सिंह, राज पुरोहित परिवार के दिनेश चंद्र पंत, दिवेश पंत, चंद्रेश पंत, कार्तिकेय पंत, आदित्य पंत, विवान पंत ने मां नंदा सुनंदा की आरती कर सुख शांति की कामना की। यहां से राजपुरोहित परिवार के लोग और राज परिवार के लोग नंदादेवी मंदिर परिसर पहुंचे और शोभायात्रा की तैयारी की।
मेले भर साफ रहा मौसम, विदाई वेला में प्रकृति भी रोई
पूरे नंदादेवी मेले के दौरान मौसम बिल्कुल साफ रहा लेकिन बुधवार को विदाई के ठीक पहले अचानक आसमान में बादल घिर आए और बूंदाबांदी शुरू हो गई। इस दृश्य को देखकर श्रद्धालु भावुक हो उठे, मानो मां की विदाई पर स्वयं प्रकृति भी उदास हो और बारिश की बूंदों के रूप में अपने आंसू बहा रही हो। इस अलौकिक माहौल में श्रद्धालुओं ने डोले पर पुष्प वर्षा कर समूचे क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
घर की छत, बालकनी से किए मां के दर्शन
नंदादेवी मंदिर परिसर लोगों से खचाखच भरा था। आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा कि पैर रखने की भी जगह नहीं थी। जिसको जहां से जगह मिली वहीं से मां के दर्शन को बेकरार दिखा। नगर के बाजार में लोगों ने घर की छत, बालकनी से मां के दर्शन किए। लोगों ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की।
झोड़ा गायन रहा आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा के दौरान कुमाऊंनी झोड़ा गायन आकर्षण का केंद्र रहा। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में झोड़ा गायन कर धूम मचाई। माल रोड पर से जा रही शोभायात्रा के आगे-आगे महिलाएं झोड़ा गाते हुए जा रही थीं।
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बुधवार को एकादशी पर आस्था, परंपरा और अटूट श्रद्धा के संगम के साथ सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा पूरी तरह मां नंदा-सुनंदा के रंग में सराबोर हो गई। जब मां के पावन डोले ने नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान किया तो हर आंख छलक उठी और समूचा जनमानस भक्ति के महासागर में हिलोरें लेने लगा। पुष्पवर्षा और कपूर की महक के बीच भक्तों ने शीश नवाकर समूचे अंचल की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मन्नतें मांगी।
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नंदादेवी मंदिर में मां नंदा-सुनंदा की आरती की गई। मंदिर परिसर से शाम 4:40 बजे मां नंदा-सुनंदा के डोले की शोभायात्रा निकली। डोला नंदादेवी बाजार, माल रोड होते हुए जीजीआईसी परिसर के पास मां भगवती मंदिर के सामने माल रोड पर रोका गया। परंपरा के अनुसार यहां से नंदा-सुनंदा को मंदिर के दर्शन कराए गए। इस भगवती मंदिर को मां नंदा-सुनंदा का मायका भी कहा जाता है। नंदा-सुनंदा को मायके के दर्शन कराकर शोभायात्रा माल रोड से सीढ़ी बाजार, कचहरी बाजार, जौहरी बाजार, गंगोला मोहल्ला, थाना बाजार, पल्टन बाजार, सर्किट हाउस होते हुए दुगालखोला स्थित नौले पर पहुंची। विधि-विधान से मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों का विसर्जन किया गया। शोभायात्रा में चंद वंशज युवराज नरेंद्र चंद्र राज सिंह, युवरानी कामाक्षी सिंह, कुंवर सोमेश्वर चंद सिंह, कुंवर सिद्धेश्वर चंद सिंह, मैत्रेयी देवी सिंह, रुद्र नारायण सिंह, विक्रम सिंह, राजा करन चंद सिंह, नंदादेवी मेला समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा, मुख्य संयोजक तारा चंद्र जोशी, सचिव मनोज सनवाल, मेला संयोजक अर्जुन बिष्ट, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, कैलाश शर्मा, दायित्वधारी कुंदन लटवाल, गोविंद पिलख्वाल, गंगा बिष्ट, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, शोभा जोशी, मेयर अजय वर्मा, बिट्टू कर्नाटक, हरीश बिष्ट, कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, रवि रौतेला, डीसीबी के पूर्व अध्यक्ष ललित लटवाल आदि शामिल रहे।
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चंद वंशज और राजपुरोहित परिवार ने की आरती
ड्योलीपोखर स्थित जगदंबा दरबार में चंद वंशज और राजपुरोहित परिवार ने पूजा-अर्चना की। यहां चंद वंशज सोमेश्वर चंद्र सिंह, राज पुरोहित परिवार के दिनेश चंद्र पंत, दिवेश पंत, चंद्रेश पंत, कार्तिकेय पंत, आदित्य पंत, विवान पंत ने मां नंदा सुनंदा की आरती कर सुख शांति की कामना की। यहां से राजपुरोहित परिवार के लोग और राज परिवार के लोग नंदादेवी मंदिर परिसर पहुंचे और शोभायात्रा की तैयारी की।
मेले भर साफ रहा मौसम, विदाई वेला में प्रकृति भी रोई
पूरे नंदादेवी मेले के दौरान मौसम बिल्कुल साफ रहा लेकिन बुधवार को विदाई के ठीक पहले अचानक आसमान में बादल घिर आए और बूंदाबांदी शुरू हो गई। इस दृश्य को देखकर श्रद्धालु भावुक हो उठे, मानो मां की विदाई पर स्वयं प्रकृति भी उदास हो और बारिश की बूंदों के रूप में अपने आंसू बहा रही हो। इस अलौकिक माहौल में श्रद्धालुओं ने डोले पर पुष्प वर्षा कर समूचे क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
घर की छत, बालकनी से किए मां के दर्शन
नंदादेवी मंदिर परिसर लोगों से खचाखच भरा था। आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा कि पैर रखने की भी जगह नहीं थी। जिसको जहां से जगह मिली वहीं से मां के दर्शन को बेकरार दिखा। नगर के बाजार में लोगों ने घर की छत, बालकनी से मां के दर्शन किए। लोगों ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की।
झोड़ा गायन रहा आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा के दौरान कुमाऊंनी झोड़ा गायन आकर्षण का केंद्र रहा। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में झोड़ा गायन कर धूम मचाई। माल रोड पर से जा रही शोभायात्रा के आगे-आगे महिलाएं झोड़ा गाते हुए जा रही थीं।