विकास भवन में अधिकांश अफसरों की कुर्सियां खाली मिलीं
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जनता की समस्याओं के निराकरण और विकास से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जिले में विकास से जुड़े अधिकांश महत्वपूर्ण विभाग पांडेखोला स्थित विकास भवन में हैं। जहां शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की जनता हर रोज फरियाद लेकर पहुंचती है। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने विकास भवन पहुंचकर कई कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई अनियमितताएं देखने को मिलीं। जहां कई अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे वहीं कुछ अधिकारी अवकाश पर थे, लेकिन उनकी अनुपस्थिति पर भी कमरे की बिजली और पंखे चलते दिखाई दिए। अधिकारियों की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए कई कर्मचारी दूसरे कमरों में बैठे मिले।
सुबह 10.20 मिनट पर सीडीओ का कमरा बंद मिला। पता किया तो वह अभी कार्यालय में नहीं थे। बताया गया कि सीडीओ हवालबाग ब्लॉक की बीडीसी बैठक में हिस्सा लेने गए थे। अमर उजाला की टीम सहायक निदेशक मत्स्य कार्यालय में पहुंची, लेकिन वहां भी अधिकारी पहुंचे नहीं थे। 10.30 में डीडीओ कमरे के दूसरी तरफ पर आशुलिपिक का कमरा खुला हुआ मिला और वहां पर तेज गति से पंखा चल रहा था। एक कर्मचारी ने बताया कि आशुलिपिक अभी पहुंचीं नहीं हैं। हालांकि कुछ देर बाद महिला कर्मचारी वहां पहुंच गईं और उन्होंने बताया कि वह कार्य से दूसरे कक्ष में गई हुई थीं।
डीआरडीए कार्यालय के अधीक्षक कमरे में कोई नहीं था जबकि समाज कल्याण विभाग में अधिकारी अपने कमरे पर नहीं थे, लेकिन बिजली का बल्ब और पंखा लगातार चल रहा था। जिला कार्यक्रम अधिकारी भी अवकाश पर थे, लेकिन उनके कक्ष में भी पंखा चल रहा था। वहीं कई कार्यालयों में कर्मचारी नहीं होने पर भी कंप्यूटर खुले मिले। जबकि सुबह 10.30 बजे कई कर्मचारी दूसरे कमरों में बैठे मिले। इधर दोपहर 12 बजे तक विकास भवन में गिने चुने लोग ही फरियाद को पहुंचे उसमें भी अधिकांश लोग समाज कल्याण विभाग से संबंधित जानकारी लेने पहुंचे थे। हालांकि समाज कल्याण में अधिकांश कर्मचारी मौजूद होने से लोगों को दिक्कत नहीं आई।