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Almora News: दो दिन में जल गए 15 हेक्टेयर से अधिक जंगल
Wed, 19 Apr 2023 12:02 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 19 Apr 2023 12:02 AM IST
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सल्ट में इस तरह लगी रही जंगलों में आग।। संवाद
अल्मोड़ा। जिले में जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के दावे कर 155 क्रू सेंटर खोले गए हैं। इसके बावजूद सिर्फ दो दिनों में 15 हेक्टेयर से अधिक जंगल जल गए हैं। मंगलवार को जंगलों में आग लगने का सिलसिला जारी रहा। द्वाराहाट, जागेश्वर रेंज के तीन जंगलों में आग लगने से वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। जंगलों से उठने वाला धुआं आबादी में फैलने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
अल्मोड़ा में फायर सीजन को देखते हुए जिले के 76000 हेक्टेयर जंगलों को सुरक्षित बचाने के लिए 155 क्रू सेंटर स्थापित किए गए हैं। वन विभाग ने हर सेंटर में चार फायर वाचर तैनात कर जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के दावे किए थे जो शुरुआती गर्मी में हवाई साबित हुए हैं। आलम यह है कि बीते दो दिनों से जिले के 10 से अधिक जंगल धधक रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग आग बुझाने में लाचार नजर आ रहा है। बीते सोमवार को सल्ट क्षेत्र के सात जंगलों में आग लगी रही। दूसरे दिन मंगलवार को द्वाराहाट रेंज के दो, जागेश्वर रेंजर का एक जंगल सुलगता रहा। आग से चीड़ के बड़े-बड़े पेड़ों और अन्य वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। सुबह से जंगल धू-धूकर जलते रहे। इसके बावजूद वन विभाग मौके पर नहीं पहुंच सका।
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16 नए क्रू सेंटर खोलने का लाभ नहीं
अल्मोड़ा। इस बार फायर सीजन से पूर्व ही जंगलों में आग की घटनाएं सामने आने से वन विभाग ने 16 नए क्रू सेंटर खोले। अल्मोड़ा रेंज में चार, द्वाराहाट में दो, सोमेश्वर रेंज में छह, रानीखेत रेंज में चार नए क्रू सेंटर खोलने, जंगलों को आग से बचाने के दावे किए गए लेकिन फायर सीजन शुरू होते ही इन्हीं रेंजों में आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस वर्ष फायर सीजन से पूर्व ही 100 हेक्टेयर से अधिक जंगल जलकर खाक हो गए थे।
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लीसे की भी हो रही बर्बादी
अल्मोड़ा। वन विभाग ने जिले के जंगलों में लीसा दोहन का कार्य शुरू किया। चीड़ के पेड़ों में घाव लगाकर लीसा दोहन के लिए कीप लगाई गईं हैं। जंगलों में आग लगने से लीसा भी जलकर बर्बाद हो रहा है जिससे राजस्व को भी नुकसान पहुंचने का अनुमान है।
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कोट-
जंगलों में आग लगने की सूचना मिलने के बाद टीम भेजी गई है। जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के गंभीरता से प्रयास हो रहे हैं।
ध्रुव सिंह मर्तोलिया, प्रभागीय वनाधिकारी, सिविल सोयम, अल्मोड़ा।
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अल्मोड़ा में फायर सीजन को देखते हुए जिले के 76000 हेक्टेयर जंगलों को सुरक्षित बचाने के लिए 155 क्रू सेंटर स्थापित किए गए हैं। वन विभाग ने हर सेंटर में चार फायर वाचर तैनात कर जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के दावे किए थे जो शुरुआती गर्मी में हवाई साबित हुए हैं। आलम यह है कि बीते दो दिनों से जिले के 10 से अधिक जंगल धधक रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग आग बुझाने में लाचार नजर आ रहा है। बीते सोमवार को सल्ट क्षेत्र के सात जंगलों में आग लगी रही। दूसरे दिन मंगलवार को द्वाराहाट रेंज के दो, जागेश्वर रेंजर का एक जंगल सुलगता रहा। आग से चीड़ के बड़े-बड़े पेड़ों और अन्य वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। सुबह से जंगल धू-धूकर जलते रहे। इसके बावजूद वन विभाग मौके पर नहीं पहुंच सका।
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16 नए क्रू सेंटर खोलने का लाभ नहीं
अल्मोड़ा। इस बार फायर सीजन से पूर्व ही जंगलों में आग की घटनाएं सामने आने से वन विभाग ने 16 नए क्रू सेंटर खोले। अल्मोड़ा रेंज में चार, द्वाराहाट में दो, सोमेश्वर रेंज में छह, रानीखेत रेंज में चार नए क्रू सेंटर खोलने, जंगलों को आग से बचाने के दावे किए गए लेकिन फायर सीजन शुरू होते ही इन्हीं रेंजों में आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस वर्ष फायर सीजन से पूर्व ही 100 हेक्टेयर से अधिक जंगल जलकर खाक हो गए थे।
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लीसे की भी हो रही बर्बादी
अल्मोड़ा। वन विभाग ने जिले के जंगलों में लीसा दोहन का कार्य शुरू किया। चीड़ के पेड़ों में घाव लगाकर लीसा दोहन के लिए कीप लगाई गईं हैं। जंगलों में आग लगने से लीसा भी जलकर बर्बाद हो रहा है जिससे राजस्व को भी नुकसान पहुंचने का अनुमान है।
कोट-
जंगलों में आग लगने की सूचना मिलने के बाद टीम भेजी गई है। जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के गंभीरता से प्रयास हो रहे हैं।
ध्रुव सिंह मर्तोलिया, प्रभागीय वनाधिकारी, सिविल सोयम, अल्मोड़ा।