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सुअरों-बंदरों से मुक्ति दिलाओ, लावारिस गायों से बचाओ
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चौखुटिया के जेठुआ में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालती महिलाएं।
- फोटो : ALMORA
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चौखुटिया। (अल्मोड़ा)। बंदर, सुअर और लावारिस गायों के उत्पात ने खेती, किसानी को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। लोगों के लिए अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी सब्जियां नहीं हो पा रही हैं। इसी से परेशान महिलाओं ने जेठुआ में एकत्रित होकर जुलूस निकाला। महिलाओं का कहना था कि यदि इन पर अंकुश नहीं लगा तो वे बड़ा आंदोलन करेंगी।
बंदर, सुअर और लावारिस गायों से परेशान महिलाओं और ग्रामीणों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। खेती, किसानी के लिए खतरा बने इन जानवरों पर अंकुश न लगने से ग्रामीणों की खेती बर्बाद होती जा रही हैं। इसी से परेशान जेठुआ और निकटवर्ती गांवों की महिलाओं ने जेठुआ में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला।
इस दौरान महिलाएं सुअर, बंदरों से मुक्ति दिलाओ, लावारिस गायों से बचाओ जैसे नार लगा रही थीं।
जुलूस प्रदर्शन में दीपा जोशी, तारा, पुष्पा देवी, जीवंती, तुलसी, शरला, कमला, दुर्गा, भगा, नंदी व प्रभा देेवी सहित कई महिलाएं शामिल थी। इधर जौलचौरा निवासी कुबेर सिंह का कहना है कि लावारिस गायों को लेकर कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।
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बंदर, सुअर और लावारिस गायों से परेशान महिलाओं और ग्रामीणों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। खेती, किसानी के लिए खतरा बने इन जानवरों पर अंकुश न लगने से ग्रामीणों की खेती बर्बाद होती जा रही हैं। इसी से परेशान जेठुआ और निकटवर्ती गांवों की महिलाओं ने जेठुआ में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला।
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इस दौरान महिलाएं सुअर, बंदरों से मुक्ति दिलाओ, लावारिस गायों से बचाओ जैसे नार लगा रही थीं।
जुलूस प्रदर्शन में दीपा जोशी, तारा, पुष्पा देवी, जीवंती, तुलसी, शरला, कमला, दुर्गा, भगा, नंदी व प्रभा देेवी सहित कई महिलाएं शामिल थी। इधर जौलचौरा निवासी कुबेर सिंह का कहना है कि लावारिस गायों को लेकर कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।
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