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सीडीओ से वार्ता के बाद मनरेगा कर्मचारी का आंदोलन 15 तक स्थगित

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jul 2021 11:15 PM IST
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MNREGA workers' agitation postponed till 15 after talks with CDO
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। विकासखंड कार्यालय में 12 वर्षों से कंप्यूटर आपरेटर पद पर कार्यरत दैनिक वेतनभोगी मनरेगा कर्मचारी नारायण रावत की सेवा बहाली की मांग को लेकर चल रहा क्रमिक अनशन सीडीओ के सकारात्मक कार्रवाई के आश्वासन पर फिलहाल स्थिगित हो गया है। आंदोलनकारियों ने 15 जुलाई तक आश्वासनों पर अमल नहीं होने की स्थिति में फिर से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन स्थल पहुंचकर समर्थन दिया।
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ब्लाक कार्यालय प्रांगण में बीते 23 जून से चलाए जा रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के बाद क्रमिक अनशन के पांचवें दिन शनिवार को भौंरा के नवीन आर्या और छतगुल्ला के नवल जोशी क्रमिक अनशन पर बैठे। पूर्व विधायक मदन बिष्ट ने फोन पर जिला स्तरीय अधिकारियों से वार्ता की। सीडीओ ने 15 जुलाई तक उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई।
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इससे पूर्व आंदोलनकारियों ने शनिवार की सुबह विकासखंड कार्यालय के सभी गेटों पर तालाबंदी कर दी। इससे विकासखंड के बीडीओ सहित एनआरएम, रोजगार सेवक, जेई, ग्राम विकास अधिकारी समेत लगभग 18-20 कर्मचारियों का स्टाफ बाहर ही रह गया। वहां पूर्व जिपं सदस्य बचुली देवी, पूर्व प्रमुख राजेंद्र किरौला, दिगंबर सिंह, यशोदा बिष्ट, निर्मल मठपाल, धन सिंह, प्रकाश अधिकारी आदि मौजूद रहे। समझौते के दौरान एसडीएम आरके पांडेय, बीडीओ शाकिर हुसैन, पूर्व विधायक मदन बिष्ट, ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष नरेंद्र अधिकारी सहित आंदोलनकारी आदि थे।
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भाजपाई बोले मनरेगा कर्मी की पुन: नियुक्ति हुई तो होगा आंदोलन
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। ब्लॉक मुख्यालय में आंदोलनरत मनरेगा कर्मचारी की पुन: नियुक्ति होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी है। भाजपाइयों ने बैठक कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन विधायक को सौंपा। उन्होंने कर्मचारी नारायण रावत के खिलाफ आरोपों की जांच को सार्वजनिक करने, ब्लॉक मुख्यालय को राजनीति का केंद्र बनाने से रोकने, युवाओं के रोजगार के नाम से राजनीति करने वाले मनरेगा कर्मचारी की ओर से आंदोलन स्थल से लगातार भाजपा सरकार और विधायक पर अमर्यादित टिप्पणी पर रोक लगाने, मनरेगा कर्मचारी के माध्यम से पिछले दस वर्षों से ब्लॉक कार्यालय में हुए भ्रष्टाचार - अनियमितताओं आदि की जांच करने आदि की मांग की है। वहां मंडल अध्यक्ष उमेश भट्ट, महेश लाल साह, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ममता भट्ट, गजेंद्र नेगी, सुरेंद्र सिंह संगेला, नगर पंचायत अध्यक्ष मुकुल साह, कैलाश भट्ट, जगदीश, भूपेंद्र कांडपाल आदि थे।
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