मिनी चिड़ियाघर एनटीडी के लिए डेढ़ करोड़ स्वीकृत
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एनटीडी में स्थित मिनी चिड़ियाघर के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रदेश सरकार ने डेढ़ करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। मिनी चिड़ियाघर में तेंदुओं के लिए तीन नए बाड़े और जंगली मुर्गियों के लिए बाड़ा बनाया जाएगा। यहां देश के अन्य चिड़ियाघरों से विभिन्न जानवर लाए जाएंगे। जिससे कि यह एक अच्छे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो सके पर चिड़ियाघर के सुदृढ़ीकरण को मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक के माध्यम से सेंटर जू अथॉरिटी (सीजेडए) को भेजे गए 5.40 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। इसकी मंजूरी मिलने से मिनी चिड़ियाघर से करीब तीन किमी दूर डानागोलू मंदिर तक ट्वाय ट्रेन चलाने का सपना भी पूरा होगा।
1980 में एनटीडी में 36 हेक्टेयर क्षेत्र में मृग बिहार स्थापित हुआ। करीब दो हेक्टेयर क्षेत्र में बंदर बाड़ा बनाया गया है। अब मृग विहार के पास कुल 38 हेक्टेयर भूमि है। इस वर्ष के शुरुआत में सीजेडए ने मृग बिहार एनटीडी को मिनी चिड़ियाघर की मान्यता दे दी थी पर सीजेडए से चिड़ियाघर के सुदृढ़ीकरण के लिए बजट अवमुक्त नहीं हुआ है। सिविल सोयम वन प्रभाग के अधीन मिनी चिड़ियाघर में वर्तमान में 90 चीतल और साभर, आठ तेंदुए, एक-एक भालू, सफेद बंदर, काकड़ समेत सौ से अधिक जानवर हैं।
मिनी चिड़ियाघर की मान्यता मिलने के बाद वन विभाग की यहां हिमालयी और मैदानी दोनों क्षेत्रों के टाइगर, कस्तूरी मृग, मोनाल, जंगली मुर्गी आदि जानवर लाने की योजना है। वन विभाग का मिनी चिड़ियाघर से डानागोलू मंदिर तक ट्वाय ट्रेन चलाने की भी योजना है। जिससे कि मिनी चिड़ियाघर अच्छा पर्यटन स्थल बन सके। सिविल एवं सोयम वन प्रभाग के डीएफओ आरसी शर्मा ने बताया कि मिनी चिड़ियाघर के लिए राज्य सरकार ने डेढ़ करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। धनराशि मिलने के बाद चिड़ियाघर में तेंदुओं के लिए तीन नए बाड़े, जंगली मुर्गियों के लिए बाड़े बनाने समेत अन्य कार्य किए जाएंगे।