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दस लाख खर्च फिर भी नहीं बनी पेयजल योजना
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, भतरौंजखान (अल्मोड़ा)
Updated Thu, 11 Jun 2015 11:31 PM IST
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जल संस्थान के महाप्रबंधक ने 2009 में तल्ला सल्ट के तोल्यों गांव के लिए स्वैप मोड के तहत बनाई गई पानी की योजना में हुई अनियमितताओं की जांच पिथौरागढ़ के अधीक्षण अभियंता को सौंप दी है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश पंत ने आरटीआई के तहत जानकारी जुटाने के बाद आरोप लगाया कि योजना पूरी नहीं बनाई गई है, जबकि 9.98 लाख का भुगतान प्राप्त कर दिया गया है।
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श्री पंत ने योजना के बावत आरटीआई से जानकारी ली। पता चला कि इसके लिए 15.60 लाख रुपये मंजूर हुए। इसमें से 9.98 लाख रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन योजना का निर्माण नहीं किया गया। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में जल संस्थान रामनगर के अधिशासी अभियंता ने कार्य पूर्ण होने की बात कही है।
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सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश पंत के पत्र के आधार पर जल संस्थान के महाप्रबधक ने पिथौरागढ़ के अधीक्षण अभियंता एएस अंसारी को इस प्रकरण की जांच सौंप दी है। कै लाश पंत ने मामले की भौतिक सत्यापन की भी मांग की है। उन्होंने मामले की जांच करके दोषियों को दंडित करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अगर मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
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