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एमसीआई की टीम ने तीसरी बार किया अल्मोड़ा मेडिकल कालेज का निरीक्षण
Sat, 04 May 2019 12:24 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sat, 04 May 2019 12:24 AM IST
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अल्मोड़ा मेडिकल कालेज का निरीक्षण करती एमसीआई की टीम।
- फोटो : AMAR UJALA
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एमसीआई की टीम ने शुक्रवार को अल्मोड़ा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। टीम में शामिल विशेषज्ञों की टीम भवनों की प्रगति से संतुष्ट दिखाई दी, लेकिन अब तक फर्नीचर और उपकरण नहीं खरीदे जाने और स्टाफ की कमी को लेकर पेच फंसने की संभावना है। टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। एमसीआई की टीम तीसरी बार मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण को पहुंची है।
बता दें कि प्रदेश सरकार अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करना चाहती है लेकिन इससे पहले एमसीआई की हरी झंडी मिलनी जरूरी है। कुछ माह पहले एमसीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था जिसमें सभी व्यवस्थाएं अधूरी पायी गई थी। इधर मेडिकल कालेज प्रशासन ने दोबारा निरीक्षण करने के लिए आवेदन कर दिया था। शुक्रवार को एमसीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। टीम ने पांडेखोला में निर्माणाधीन नए परिसर के साथ ही बेस अस्पताल में तैयार हो रहे मेडिकल कॉलेज के अस्पताल का निरीक्षण किया और साथ ही भवनों में फर्नीचर उपकरण आदि के अलावा स्टाफ की स्थिति का भी जायजा लिया। बताया गया है कि टीम में आए विशेषज्ञ भवन परिसर से संतुष्ट थे, लेकिन अभी तक फर्नीचर और उपकरण नहीं खरीदे जाने पर उन्होंने सवाल उठाए।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामगोपाल नौटियाल ने टीम को बताया कि अब तक 22 प्रतिशत स्टाफ की तैनाती कर दी गई है लेकिन अभी भी 78 प्रतिशत स्टाफ की कमी पाई गई। प्राचार्य ने टीम को बताया कि चुनाव आचार संहिता के चलते नियुक्ति प्रक्रिया रुकी हुई है। इसी वजह से उपकरणों और फर्नीचर आदि की खरीदारी भी नहीं हो पाई है। आचार संहिता खत्म होते ही यह सब व्यवस्थाएं कर ली जाएंगी। बताया गया है कि टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। टीम में बर्धावन (पश्चिम बंगाल) मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुहरिता पॉल, मिदनापुर मेडिकल कॉलेज (पश्चिम बंगाल) के प्रो. जुगल किशोर कार, केजीएमयू लखनऊ (उप्र) की प्रो. नीना श्रीवास्तव शामिल थे। इस मौके पर अल्मोड़ा मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. रामगोपाल नौटियाल के अलावा अपर निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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बता दें कि प्रदेश सरकार अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करना चाहती है लेकिन इससे पहले एमसीआई की हरी झंडी मिलनी जरूरी है। कुछ माह पहले एमसीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था जिसमें सभी व्यवस्थाएं अधूरी पायी गई थी। इधर मेडिकल कालेज प्रशासन ने दोबारा निरीक्षण करने के लिए आवेदन कर दिया था। शुक्रवार को एमसीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। टीम ने पांडेखोला में निर्माणाधीन नए परिसर के साथ ही बेस अस्पताल में तैयार हो रहे मेडिकल कॉलेज के अस्पताल का निरीक्षण किया और साथ ही भवनों में फर्नीचर उपकरण आदि के अलावा स्टाफ की स्थिति का भी जायजा लिया। बताया गया है कि टीम में आए विशेषज्ञ भवन परिसर से संतुष्ट थे, लेकिन अभी तक फर्नीचर और उपकरण नहीं खरीदे जाने पर उन्होंने सवाल उठाए।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामगोपाल नौटियाल ने टीम को बताया कि अब तक 22 प्रतिशत स्टाफ की तैनाती कर दी गई है लेकिन अभी भी 78 प्रतिशत स्टाफ की कमी पाई गई। प्राचार्य ने टीम को बताया कि चुनाव आचार संहिता के चलते नियुक्ति प्रक्रिया रुकी हुई है। इसी वजह से उपकरणों और फर्नीचर आदि की खरीदारी भी नहीं हो पाई है। आचार संहिता खत्म होते ही यह सब व्यवस्थाएं कर ली जाएंगी। बताया गया है कि टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। टीम में बर्धावन (पश्चिम बंगाल) मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुहरिता पॉल, मिदनापुर मेडिकल कॉलेज (पश्चिम बंगाल) के प्रो. जुगल किशोर कार, केजीएमयू लखनऊ (उप्र) की प्रो. नीना श्रीवास्तव शामिल थे। इस मौके पर अल्मोड़ा मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. रामगोपाल नौटियाल के अलावा अपर निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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