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लखनऊ से जैंती आने वाली बरात का दूल्हा, परिजन कोरोना पॉजिटिव
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हाथों मेहंदी रचाई दुल्हन मंजू कन्याल।
- फोटो : ALMORA
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जैंती (अल्मोड़ा)। शनिवार को नवाबों का शहर कहे जाने वाले लखनऊ से जैंती आने वाली बरात के दूल्हे और उसके परिजनों के कोरोना पॉजिटिव निकलने से दूल्हा और दुल्हन दोनों पक्षों में हड़कंप मच गया। आनन फानन शनिवार की रात को ही ऑनलाइन शादी संपन्न कराई। इस शादी में न बैंड, बाजा और न ही बराती आए। दोनों पक्षों के पंडितों ने विधि-विधान और मंत्रोच्चातरण के बीच शादी संपन्न कराई।
मूल रूप से जैंती तहसील के ल्वाली गांव निवासी स्व. नारायण सिंह धौनी का परिवार वर्तमान में लखनऊ के गोमती नगर में रहता है। उनके पुत्र उमेश सिंह धौनी की शादी तहसील के ही कांडे गांव निवासी रमेश सिंह कन्याल की पुत्री मंजू कन्याल से होनी थी। दोनों पक्षों में गणेश पूजा हो गई थी। 24 अप्रैल को लखनऊ से बरात कांडे गांव आनी थी। दूल्हा उमेश सिंह धौनी समेत उसके परिवार ने 20 अप्रैल को कोरोना जांच कराई। तीन दिन बाद रिपोर्ट आई तो दूल्हा समेत अन्य परिजन कोरोना पॉजिटिव निकल गए। दुल्हन पक्ष को जैसे ही इसकी सूचना मिली तो वहां मायूसी छा गई। दूल्हे का पूरा परिवार क्वारंटीन है। रिपोर्ट आने से पहले ही वर और वधू पक्ष ने गणेश पूजा संपन्न करा ली थी। हिंदू रीति रिवाज के मुताबिक गणेश पूजा के बाद विवाह को रोकना शुभ नहीं माना जाता है।
ऐसे में दोनों पक्षों में असमंजस की स्थिति बनी रही। धर्माचार्यों की सलाह पर दोनों पक्षों ने ऑनलाइन शादी की। लखनऊ का रहने वाला दूल्हा उमेश और 450 किमी दूर जैंती तहसील के कांडे गांव की दुल्हन मंजू ऑनलाइन ही सात फेरे लेकर एक दूजे के हो गए। बताया जा रहा है कि दूल्हा उमेश सिंह धौनी के क्वारंटीन की समय सीमा पूरी होने के बाद वह दुल्हन को लेने उसके बाबुल के घर आएगा। दुल्हन पक्ष ने लखनऊ से आ रही बरात के लिए घर में अच्छे इंतजाम किए थे। बरातियों की आवभगत के लिए तमाम तरह के पकवान, मिठाइयां समेत अन्य व्यंजन बनाए गए थे। बरात नहीं आने से दुल्हन पक्ष को आर्थिक नुकसान भी हुआ।
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मूल रूप से जैंती तहसील के ल्वाली गांव निवासी स्व. नारायण सिंह धौनी का परिवार वर्तमान में लखनऊ के गोमती नगर में रहता है। उनके पुत्र उमेश सिंह धौनी की शादी तहसील के ही कांडे गांव निवासी रमेश सिंह कन्याल की पुत्री मंजू कन्याल से होनी थी। दोनों पक्षों में गणेश पूजा हो गई थी। 24 अप्रैल को लखनऊ से बरात कांडे गांव आनी थी। दूल्हा उमेश सिंह धौनी समेत उसके परिवार ने 20 अप्रैल को कोरोना जांच कराई। तीन दिन बाद रिपोर्ट आई तो दूल्हा समेत अन्य परिजन कोरोना पॉजिटिव निकल गए। दुल्हन पक्ष को जैसे ही इसकी सूचना मिली तो वहां मायूसी छा गई। दूल्हे का पूरा परिवार क्वारंटीन है। रिपोर्ट आने से पहले ही वर और वधू पक्ष ने गणेश पूजा संपन्न करा ली थी। हिंदू रीति रिवाज के मुताबिक गणेश पूजा के बाद विवाह को रोकना शुभ नहीं माना जाता है।
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ऐसे में दोनों पक्षों में असमंजस की स्थिति बनी रही। धर्माचार्यों की सलाह पर दोनों पक्षों ने ऑनलाइन शादी की। लखनऊ का रहने वाला दूल्हा उमेश और 450 किमी दूर जैंती तहसील के कांडे गांव की दुल्हन मंजू ऑनलाइन ही सात फेरे लेकर एक दूजे के हो गए। बताया जा रहा है कि दूल्हा उमेश सिंह धौनी के क्वारंटीन की समय सीमा पूरी होने के बाद वह दुल्हन को लेने उसके बाबुल के घर आएगा। दुल्हन पक्ष ने लखनऊ से आ रही बरात के लिए घर में अच्छे इंतजाम किए थे। बरातियों की आवभगत के लिए तमाम तरह के पकवान, मिठाइयां समेत अन्य व्यंजन बनाए गए थे। बरात नहीं आने से दुल्हन पक्ष को आर्थिक नुकसान भी हुआ।

जैंती तहसील के कांडे गांव में दूल्हन मंजू को हल्दी लगाते परिजन और अन्य।- फोटो : ALMORA

दूल्हा उमेश सिंह धौनी।- फोटो : ALMORA
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