फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Man-eating Leopard I hit Chaukhutia

आत्मरक्षा में चलाई गोली से तेंदुआ ढेर

Sun, 21 Feb 2016 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चौखुटिया (अल्मोड़ा)।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चौखुटिया (अल्मोड़ा)। Updated Sun, 21 Feb 2016 12:53 AM IST
विज्ञापन
Man-eating Leopard I hit Chaukhutia

आतंक का पर्याय बने तेंदुए तैनात शिकारियों को भले चकमा देने में कामयाब हो रहे हों, लेकिन ग्राम पंचायत बसभीड़ा के घुंगोली में शुक्रवार की रात करीब बारह बजे एक व्यक्ति द्वारा अपनी रक्षा में चलाई गोली से एक तेंदुआ मारा गया। तेंदुए के मारे जाने से लोगों को थोड़ा राहत मिली है। 

विज्ञापन


 तेंदुए को मारने वाले जमणियां निवासी नंदन सिंह मेहरा ने बताया कि वह अपने तीन अन्य साथियों के साथ एक पार्टी से रात को चौखुटिया लौट रहे थे। अचानक घुंगोली के पास तेंदुआ उनकी ओर झपट पड़ा। आत्मरक्षा में उन्होंने अपनी 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक से गोली चला दी जो तेंदुए की कनपट्टी पर लगी और तेंदुआ वहीं ढेर हो गया।
विज्ञापन


 तेंदुए के ढेर होने के बाद श्री मेहरा ने ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। बाद में अधिकारी तेंदुए के शव को रेंज कार्यालय द्वाराहाट ले आए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इधर वन क्षेत्राधिकारी भूपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि मारे गए नर तेंदुए की उम्र करीब दस साल, लंबाई दो मीटर पंद्रह सेमी और ऊंचाई 85 सेमी है। उन्होंने बताया कि तेंदुओं की संख्या अधिक होने के चलते फिलहाल शिकारियों की तैनाती और गश्त जारी रहेगी।

तेंदुए को मारने वाले नंदन सिंह मेहरा (40)  ने बताया कि उन्होंने तेेंदुओं के बारे में काफी अध्ययन किया है। तेंदुए के  आतंक के चलते ही वह इन दिनों अपनी लाइसेंसी बंदूक साथ लेकर चल रहे थे।

उन्होंने कहा कि उन्हें तेंदुआ मारने के अभियान में नहीं लगाया गया था। निशाना चूकने की  स्थिति में तेंदुआ  खतरनाक ढंग से हमलावर हो सकता था। सौभाग्यवश वह पहली  ही गोली में ढेर हो गया।

तो क्या घुंगोली में मारा गया तेंदुआ आदमखोर नहीं था। पोस्टमार्टम से मिले संकेत से तो कुछ ऐसा ही आभास हो रहा है। वन क्षेत्राधिकारी बीएस बिष्ट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए के गोली लगने से मारे जाने और चार-पांच दिन से कुछ न खाए जाने की बात सामने आई है।

जबकि आदमखोर तेंदुए ने 8 फरवरी को मेहलचौरा में और 17 फरवरी को ही चितैली में एक व्यक्ति को अपना निवाला बनाया था। जबकि मारा गया तेंदुआ दूसरे व्यक्ति के शिकार बनने के महज दो दिन बाद ही 19 फरवरी मारा गया है।

 पोस्टमार्डम करने वाले चिकित्सकों में डा. आरके सिंह व डा. संदीप तिवारी शामिल थे। इधर पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए के शव को जला दिया गया है।


चंथरिया के वन राजि अधिकारी भूपाल सिंह बिष्ट कहते हैं कि क्षेत्र में नरभक्षी का आतंक व्याप्त है। ऐसे में तेंदुए के झपटने पर ग्रामीण द्वारा आत्मरक्षा में गोली चलाना गलत नहीं है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ किसी तरह का अपराध नहीं बनता। हालांकि यह निश्चित नहीं है कि नरभक्षी तेंदुआ मारा गया है इसलिए तेंदुए को मारने का अभियान फिलहाल चलता रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed