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Almora News: साल का लंबा इंतजार, तीन हजार की आबादी लाचार
Wed, 27 Sep 2023 12:40 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 27 Sep 2023 12:40 AM IST
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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में कई गांव ऐसे हैं जो अब तक सड़क से नहीं जुड़ सके हैं। जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में पांच गांवों को जोड़ने के लिए सात साल पूर्व धारखोला-कपलेश्वर सड़क को स्वीकृति मिली थी। अब तक यह सड़क सरकारी फाइलों से निकलकर धरातल पर नहीं उतर सकी है और इन गांवों की तीन हजार की आबादी दुश्वारियां झेलते हुए जल्द सड़क निर्माण की राह देख रही है।
वर्ष 2016 में जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विरोड़ा, बिसौत, भासकोट, दाड़िमी, कललेश्वर, सैजा गांवों को जोड़ने के लिए तत्कालीन सरकार ने धारखोला-कपलेश्वर सड़क को स्वीकृति दी। इस सड़क के बनने के बाद विधानसभा के दूरस्थ गांवों की हजारों की आबादी को लाभ पहुंचना था। तब लोनिवि ने इसके लिए सर्वे भी किया। बावजूद इसके सात साल के लंबे इंतजार के बाद भी सात कदम सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। सड़क का प्रस्ताव शासन में धूल फांक रहा है और क्षेत्र के लोग जल्द गांव तक सड़क पहुंचने की उम्मीद लगाए हैं। सड़क कब बनेगी, जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के पास भी इसका स्पष्ट जवाब नहीं है। संवाद
दो जिलों को जोड़ने की थी योजना
अल्मोड़ा। इस सड़क के निर्माण का उद्देश्य नैनीताल और अल्मोड़ा जिले को आपस में जोड़ना था। मुख्य सड़क से इन गांवों को जोड़ते हुए कपलेश्वर नदी तक सड़क पहुंचने और यहां पुल बनने के बाद दोनों जिले आपस में जुड़ जाते। नैनीताल से कपलेश्वर तक तो सड़क पहुंचा दी गई है, लेकिन अल्मोड़ा में यहां तक सड़क पहुंचने का अब भी इंतजार है।
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शवदाह के लिए 10 किमी का पैदल सफर
अल्मोड़ा। क्षेत्र के लोगों का कपलेश्वर नदी में शवदाह स्थल है। सड़क बनने से शवदाह में आसानी होती। लेकिन अब तक सड़क निर्माण की कार्रवायी एक इंच भी आगे नहीं बढ़ सकी है और लोग शवदाह के लिए बदहाल रास्तों के बीच 10 किमी पैदल चलने के लिए मजबूर हैं।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल का कहना है कि कांग्रेस के शासन में क्षेत्र के लोगों की परेशानी को देखते हुए धारखोला-कपलेश्वर सड़क को स्वीकृति दी गई। सत्ता परिवर्तन होते ही लोगों की परेशानी को अनदेखा कर सड़क को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, इस बात का बेहद अफसोस है।
जागेश्वर के विधायक मोहन सिंह मेहरा का कहना है कि क्षेत्र में कई सड़कें स्वीकृत हैं। इस मामले में मिलकर ही जवाब दूंगा। आगे मुझे कुछ भी नहीं कहना है। अल्मोड़ा मामले की जानकारी साझा की जाएगी।
लोनिवि, प्रांतीय खंड के ईई सुनील कुमार का कहना है कि अल्मोड़ा जिले में मेरी अभी तैनाती हुई है, इससे मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। जल्द जानकारी ली जाएगी। संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगी जाएगी।
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वर्ष 2016 में जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विरोड़ा, बिसौत, भासकोट, दाड़िमी, कललेश्वर, सैजा गांवों को जोड़ने के लिए तत्कालीन सरकार ने धारखोला-कपलेश्वर सड़क को स्वीकृति दी। इस सड़क के बनने के बाद विधानसभा के दूरस्थ गांवों की हजारों की आबादी को लाभ पहुंचना था। तब लोनिवि ने इसके लिए सर्वे भी किया। बावजूद इसके सात साल के लंबे इंतजार के बाद भी सात कदम सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। सड़क का प्रस्ताव शासन में धूल फांक रहा है और क्षेत्र के लोग जल्द गांव तक सड़क पहुंचने की उम्मीद लगाए हैं। सड़क कब बनेगी, जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के पास भी इसका स्पष्ट जवाब नहीं है। संवाद
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दो जिलों को जोड़ने की थी योजना
अल्मोड़ा। इस सड़क के निर्माण का उद्देश्य नैनीताल और अल्मोड़ा जिले को आपस में जोड़ना था। मुख्य सड़क से इन गांवों को जोड़ते हुए कपलेश्वर नदी तक सड़क पहुंचने और यहां पुल बनने के बाद दोनों जिले आपस में जुड़ जाते। नैनीताल से कपलेश्वर तक तो सड़क पहुंचा दी गई है, लेकिन अल्मोड़ा में यहां तक सड़क पहुंचने का अब भी इंतजार है।
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शवदाह के लिए 10 किमी का पैदल सफर
अल्मोड़ा। क्षेत्र के लोगों का कपलेश्वर नदी में शवदाह स्थल है। सड़क बनने से शवदाह में आसानी होती। लेकिन अब तक सड़क निर्माण की कार्रवायी एक इंच भी आगे नहीं बढ़ सकी है और लोग शवदाह के लिए बदहाल रास्तों के बीच 10 किमी पैदल चलने के लिए मजबूर हैं।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल का कहना है कि कांग्रेस के शासन में क्षेत्र के लोगों की परेशानी को देखते हुए धारखोला-कपलेश्वर सड़क को स्वीकृति दी गई। सत्ता परिवर्तन होते ही लोगों की परेशानी को अनदेखा कर सड़क को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, इस बात का बेहद अफसोस है।
जागेश्वर के विधायक मोहन सिंह मेहरा का कहना है कि क्षेत्र में कई सड़कें स्वीकृत हैं। इस मामले में मिलकर ही जवाब दूंगा। आगे मुझे कुछ भी नहीं कहना है। अल्मोड़ा मामले की जानकारी साझा की जाएगी।
लोनिवि, प्रांतीय खंड के ईई सुनील कुमार का कहना है कि अल्मोड़ा जिले में मेरी अभी तैनाती हुई है, इससे मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। जल्द जानकारी ली जाएगी। संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगी जाएगी।