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अपना जंगल सरकार कोहस्तांतरित करेंगे लोहनी
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20grd04p बृक्ष प्रेमी दिनेश लोहनी
- फोटो : GARUD
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गरुड़ (बागेश्वर)। वृक्ष प्रेमी और सीमा वन पंचायत के सरपंच दिनेश लोहनी अपने श्रम से तैयार किए गए मणिपुरी बांज का जंगल सरकार को हस्तांतरित करने का मन बना चुके हैं। आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण वह यहां रेशम निकालने का प्रोजेक्ट तैयार नहीं कर पा रहे हैं। उनके द्वारा तैैयार किए जंगल में करीब चार हजार मणिपुरी बांज के पेड़ हैं।
वृक्ष प्रेमी लोहनी ने 15 साल पूर्व वन पंचायत सीमा में साढ़े चार हजार मणिपुरी बांज के पौधे रोपे थे। तब उन्होंने मधाचौरा (कौसानी) के किसान लाल सिंह की नर्सरी से सात रुपये की दर से पौधे खरीदे थे। 15 साल की मेहनत के बाद वन पंचायत में बांज का एक बहुत बड़ा जंगल तैयार हो गया है। जंगल के विकसित होने के बाद गांव के पेयजल स्रोत भी रिचार्ज हुए हैं।
लोहनी ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने मणिपुरी बांज के पौधों से रेशम उत्पादन की योजना संचालित की है। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह बांज के पेड़ों से रेशम निकालने के लिए प्रोजक्ट तैयार नहीं कर पा रहे हैं। अब उन्होंने बांज के पेड़ों को सरकार को हस्तांतरित करने की ठान ली है। सीएम को पत्र भी भेज दिया है। उन्होंने बताया कि बांज का जंगल सरकार को हस्तांतरित करने से गांव के लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
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वृक्ष प्रेमी लोहनी ने 15 साल पूर्व वन पंचायत सीमा में साढ़े चार हजार मणिपुरी बांज के पौधे रोपे थे। तब उन्होंने मधाचौरा (कौसानी) के किसान लाल सिंह की नर्सरी से सात रुपये की दर से पौधे खरीदे थे। 15 साल की मेहनत के बाद वन पंचायत में बांज का एक बहुत बड़ा जंगल तैयार हो गया है। जंगल के विकसित होने के बाद गांव के पेयजल स्रोत भी रिचार्ज हुए हैं।
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लोहनी ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने मणिपुरी बांज के पौधों से रेशम उत्पादन की योजना संचालित की है। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह बांज के पेड़ों से रेशम निकालने के लिए प्रोजक्ट तैयार नहीं कर पा रहे हैं। अब उन्होंने बांज के पेड़ों को सरकार को हस्तांतरित करने की ठान ली है। सीएम को पत्र भी भेज दिया है। उन्होंने बताया कि बांज का जंगल सरकार को हस्तांतरित करने से गांव के लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
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