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एलआईसी को दो लाख देने का आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Mon, 16 Mar 2015 11:38 PM IST
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जिला उपभोक्ता फोरम ने भारतीय जीवन बीमा निगम अल्मोड़ा को परिवादी को दुर्घटना हित लाभ की दो लाख रुपए की धनारशि एक माह के भीतर अदा करने का आदेश दिया है। निर्धारित अवधि में धनराशि अदा नहीं करने पर बीमा कंपनी को परिवादी को 17 फरवरी 2014 से छह प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज भी अदा करना होगा।
वन रक्षक दीपा जोशी के पति मदन मोहन जोशी ने भारतीय जीवन बीमा निगम अल्मोड़ा से बीमा पॉलिसी संख्या 242197304 ली थी। पालिसी के अनुसार पालिसीधारक की मृत्यु होने पर दो लाख रुपए उत्तराधिकारियों को दिया जाना था।
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दीपा जोशी के वन विभाग के सरकारी आवास में 29 दिसंबर 2012 को आग लगने से पति मदन मोहन जोशी की मौत हो गई थी। परिवादी ने जीवन बीमा निगम में बीमा लेने के लिए आवेदन किया था। लेकिन बीमा कंपनी ने दुर्घटना हित लाभ का दावा अस्वीकृत कर दिया और कहा कि मदन मोहन जोशी की मृत्यु दुर्घटना नहीं थी वरन आत्महत्या थी। दीपा जोशी ने बीमा क्लेम के दो लाख और मानसिक क्षति के 25 हजार रुपए विपक्षी से दिलाए जाने के लिए परिवाद उपभोक्ता फोरम में दाखिल किया। फोरम के अध्यक्ष रवींद्र मैठाणी, सदस्य लीला जोशी और प्रभात कुमार चौधरी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। फोरम ने आदेश सुनाया कि भारतीय जीवन बीमा अल्मोड़ा परिवादी दीपा जोशी को दुर्घटना हित लाभ के दो लाख रुपए एक माह के भीतर अदा करे। यदि बीमा कंपनी ने निश्चित अवधि में धनराशि अदा नहीं की तो परिवाद प्रस्तुत करने की तिथि 17 फरवरी 2014 से छह प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज भी परिवादी पाने की अधिकारी होगी।
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