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आपसी संघर्ष में मरा तेंदुआ
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Tue, 03 Feb 2015 11:56 PM IST
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मेहनरबूंगा गांव में आपसी संघर्ष में तेंदुए की मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने पोस्टमार्टम के बाद शव जला दिया। प्रभागीय वनाधिकारी एमबी सिंह ने मामले की विभागीय जांच के निर्देश दे दिए हैं।
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वन विभाग को सोमवार की सुबह मेहनरबूंगा गांव के गेहूं के खेत में तेंदुए का शव पड़ा होने की सूचना मिली। रेंजर आन सिंह कांदली दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। रेंजर ने बताया कि नर तेंदुए की उम्र करीब पांच साल थी। पशु चिकित्सालय के डा. मिश्रा और डा. ज्योति पूनम ने तेंदुए का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार तेंदुए की मौत आपसी संघर्ष में हुई। उसके पसली, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें थीं।
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पोस्टमार्टम के बाद शव को विभाग के छतीना स्थित सेेक्सन कार्यालय परिसर में जला दिया गया। वहां वन दरोगा गणेश सिंह लस्याल और गोविंद आर्य आदि थे। उन्होंने बताया कि प्रभागीय वनाधिकारी ने गुलदार के मौत के कारणों की विभागीय जांच के निर्देश भी दिए हैं।
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ऐंठाण में एक और शावक का शव मिला
कपकोट (बागेश्वर)। यहां ऐठाण गांव स्थित भगवती मंदिर के परिसर मेें तेंदुए के शावक का शव मिला है। एक पखवाड़े के भीतर यहां दो शावकों की मौत हो चुकी है।
मंगलवार की दोपहर ऐठाण गांव में भगवती मंदिर के समीप रास्ते पर तेंदुए के नर शावक का शव पड़ा देखा। इस रास्ते से पहले भी कई लोग गुुजर चुके थे, लेकिन तब वहां शव नहीं था। मंदिर के आगे जंगल और निर्जन इलाका है। कुछ दिन पूर्व यहां जंगल के समीप खेत में भी ढाई साल के एक शावक का शव मिला था। उसकी मौत ठंड से होने की पुष्टि हुई थी। मंगलवार को मरे शावक की आयु तकरीबन डेढ़ साल, ऊंचाई 55 सेमी और लंबाई 1.70 मीटर है। सूचना के बाद वन क्षेत्राधिकारी पीतांबर जोशी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि शावक के शरीर पर कहीं घाव नहीं हैं। वन विभाग ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव जला दिया जाएगा।