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केवी की सीटें तय करने पर उलझन में पड़े सांसद
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ अल्मोड़ा
Updated Tue, 21 Apr 2015 11:30 PM IST
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केंद्रीय विद्यालयों में सांसद कोटे की सीट से प्रवेश दिलाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं के भारी संख्या में आवेदन पहुंचने से सांसद अजय टम्टा उलझन में पड़ गए। आखिरकार उन्होंने लाटरी के जरिये सभी विद्यालयों के लिए एक-एक सीट का चयन किया।
मालूम हो कि सांसद को केंद्रीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के प्रवेश के लिए छह सीटों का कोटा मिलता है। संसदीय क्षेत्र के सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने बच्चों को केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए सांसद के पास चिट्ठियां भेज दी। इनमें कई वरिष्ठ कार्यकर्ता भी शामिल थे। इस स्थिति में सांसद अजय टम्टा उलझन में पड़ गए और छह सीटों का चयन करना काफी कठिन हो गया।
बाद में कार्यकर्ताओं की राय लेकर उन्होंने हर जिले से आए नामों को अलग-अलग करके लाटरी से एक-एक नाम निकाला। सांसद टम्टा का कहना था कि हाल के चुनावों में उन्हें सभी क्षेत्रों से भारी समर्थन मिला है इसलिए वह इसे लेकर किसी कार्यकर्ता की उपेक्षा नहीं करना चाहते थे। इसी कारण उन्होंने बच्चों के नाम लाटरी के जरिये चयन करने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा, रानीखेत, मिर्थी, कौसानी और बनबसा के विद्यालयों के लिए एक-एक बच्चे का नाम तय करके भेज दिया गया है।
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मालूम हो कि सांसद को केंद्रीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के प्रवेश के लिए छह सीटों का कोटा मिलता है। संसदीय क्षेत्र के सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने बच्चों को केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए सांसद के पास चिट्ठियां भेज दी। इनमें कई वरिष्ठ कार्यकर्ता भी शामिल थे। इस स्थिति में सांसद अजय टम्टा उलझन में पड़ गए और छह सीटों का चयन करना काफी कठिन हो गया।
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बाद में कार्यकर्ताओं की राय लेकर उन्होंने हर जिले से आए नामों को अलग-अलग करके लाटरी से एक-एक नाम निकाला। सांसद टम्टा का कहना था कि हाल के चुनावों में उन्हें सभी क्षेत्रों से भारी समर्थन मिला है इसलिए वह इसे लेकर किसी कार्यकर्ता की उपेक्षा नहीं करना चाहते थे। इसी कारण उन्होंने बच्चों के नाम लाटरी के जरिये चयन करने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा, रानीखेत, मिर्थी, कौसानी और बनबसा के विद्यालयों के लिए एक-एक बच्चे का नाम तय करके भेज दिया गया है।
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