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कुंवालीवासियों ने कहा, बैंक नहीं तो वोट नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 22 Dec 2016 10:39 PM IST
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जनाक्रोश रैली निकालते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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तहसील के सुदूरवर्ती कुंवाली क्षेत्र में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने की मांग को लेकर ग्रामीण बृहस्पतिवार को सड़क पर उतर आए। जनाक्रोश रैली निकाली गई। क्षेत्रवासियों ने जनप्रतिनिधियों और लीड बैंक के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और बैंक नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद कर दिया। इस दौरान जुलूस में शामिल होने पहुंचीं पूर्व विधायक रेखा आर्या को लोगों का भारी विरोध झेलना पड़ा।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत क्षेत्रवासी विकास संघर्ष समिति और व्यापार मंडल के बैनर तले सड़कों पर उतर आए। यहां जोरदार प्रदर्शन किया गया। कहा कि बैंक नहीं होने के कारण ग्रामीणों को मजखाली, बग्वालीपोखर अथवा रानीखेत जाना पड़ता है। यह मांग 1994 से उठ रही है। इस मामले में जनप्रतिनिधियों और लीड बैंक के लोगों ने हर बार गुमराह किया, जबकि क्षेत्र से छह हजार से अधिक खाते स्टेट बैंक मजखाली और अन्य शाखाओं में हैं। अध्यापकों, पूर्व सैनिकों और अन्य रिटायर्ड कर्मचारियों के खाते अलग से बैंकों में हैं।
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पूर्व में जांच अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का सर्वेक्षण तक नहीं किया गया। यदि इस बार बैंक की शाखा नहीं खोली गई तो चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। बाद में जिलाधिकारी को इस संबंध में ज्ञापन भी भेजा गया। इस दौरान जुलूस में शामिल होने पहुंचीं पूर्व विधायक रेखा आर्या को लोगों का विरोध झेलना पड़ा। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में काम नहीं हुए हैं, और जब विकास कार्य करने का मौका मिला तो विधायक ने पार्टी ही बदल डाली। जिस कारण क्षेत्र विकास की दौड़ में पिछड़ गया है। पूर्व विधायक ने कहा कि सरकार उनके काम नहीं कर रही थी, इसलिए उन्हें पार्टी छोड़नी पड़ी, हालांकि बाद में उन्हें वहां से जाना पड़ा। संघर्ष समिति अध्यक्ष रघुवर सिंह परिहार, व्यापार मंडल अध्यक्ष जीवन सिंह, राजेंद्र सिंह बिष्ट, भानु प्रकाश जोशी, बलवंत बजेठा, हेम पांडे, रघुवर दत्त जोशी, गोपाल बिष्ट, चंपा बजेठा, कुल प्रकाश जोशी, पूरन सिंह, विजय बजेठा, जगदीश बजेठा, जीवन सिंह परिहार, विमला देवी सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।
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