{"_id":"324cfbe3cd1d5e5fe653649561fe4354","slug":"kosi-baraj-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोसी बैराज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोसी बैराज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 18 Jan 2016 10:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कोसी नदी में निर्माणाधीन बैराज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। कोसी नदी में करीब 33 करोड़ की लागत से बन रहे बैराज में सिंचाई विभाग ने फरवरी पहले सप्ताह से पानी एकत्र करने की योजना बनाई है। सब कुछ ठीक रहा तो मार्च तक बैराज की झील पानी से लबालब हो जाएगी। झील बन जाने पर नगर और आसपास के क्षेत्रों को जरूरत के मुताबिक पेयजल आपूर्ति होने के साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
कोसी नदी में बैराज निर्माण का काम दो साल पहले शुरू हुआ था। काम को पूरा करने के लिए शासन ने 31 मार्च 2015 की समयावधि निर्धारित की थी। तय समय से दस महीने अधिक बीत जाने पर भी कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग काम पूरा नहीं करा सका है। इस वर्ष शीतकाल में बारिश नहीं हुई है। वर्षा नहीं होने से कोसी समेत अन्य नदियों और नौलों का जल स्तर काफी नीचे है। इससे गरमी के सीजन में पानी का संकट गहराने की आशंका है। कोसी नदी से नगर के अलावा आसपास के क्षेत्रों के लिए बनीं योजनाओं से पानी की आपूर्ति होती है। कोसी नदी में पर्याप्त पानी नहीं होने से नगर में 12 एमएलडी मांग के सापेक्ष जाड़े के दिनों भी मुश्किल से पांच एमएलडी पानी की सप्लाई हो रही है। यदि गर्मी के सीजन तक बैराज में पानी एकत्र नहीं किया गया तो फिर पेयजल संकट गहराना तय है।
इधर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन सिंघल ने बताया कि बैराज के पांचों गेट लगा दिए हैं। अब चैनल गेटों में मोटर, रोलर लगाने समेत अन्य काम प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि पांच फरवरी से बैराज की झील में पानी एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। मार्च तक झील में पर्याप्त पानी जमा हो जाएगा। संसदीय सचिव मनोज तिवारी ने कहा है कि किसी भी हालत में गर्मी के मौसम से पहले ही कोसी बैराज की झील अस्तित्व में आ जाएगी। उन्होंने बताया कि नदी में पहले से स्थापित पंप को हटा कर पांच करोड़ लागत से नया पंप, नई पाइप लाइन और विक्टर मोहन जोशी जलाशय तक 11.50 करोड़ लागत से पृथक लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए शासन स्तर पर सभी कार्रवाई हो गई हैं जल्द ही बजट अवमुक्त होगा।
विज्ञापन
कोसी नदी में बैराज निर्माण का काम दो साल पहले शुरू हुआ था। काम को पूरा करने के लिए शासन ने 31 मार्च 2015 की समयावधि निर्धारित की थी। तय समय से दस महीने अधिक बीत जाने पर भी कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग काम पूरा नहीं करा सका है। इस वर्ष शीतकाल में बारिश नहीं हुई है। वर्षा नहीं होने से कोसी समेत अन्य नदियों और नौलों का जल स्तर काफी नीचे है। इससे गरमी के सीजन में पानी का संकट गहराने की आशंका है। कोसी नदी से नगर के अलावा आसपास के क्षेत्रों के लिए बनीं योजनाओं से पानी की आपूर्ति होती है। कोसी नदी में पर्याप्त पानी नहीं होने से नगर में 12 एमएलडी मांग के सापेक्ष जाड़े के दिनों भी मुश्किल से पांच एमएलडी पानी की सप्लाई हो रही है। यदि गर्मी के सीजन तक बैराज में पानी एकत्र नहीं किया गया तो फिर पेयजल संकट गहराना तय है।
विज्ञापन
इधर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन सिंघल ने बताया कि बैराज के पांचों गेट लगा दिए हैं। अब चैनल गेटों में मोटर, रोलर लगाने समेत अन्य काम प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि पांच फरवरी से बैराज की झील में पानी एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। मार्च तक झील में पर्याप्त पानी जमा हो जाएगा। संसदीय सचिव मनोज तिवारी ने कहा है कि किसी भी हालत में गर्मी के मौसम से पहले ही कोसी बैराज की झील अस्तित्व में आ जाएगी। उन्होंने बताया कि नदी में पहले से स्थापित पंप को हटा कर पांच करोड़ लागत से नया पंप, नई पाइप लाइन और विक्टर मोहन जोशी जलाशय तक 11.50 करोड़ लागत से पृथक लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए शासन स्तर पर सभी कार्रवाई हो गई हैं जल्द ही बजट अवमुक्त होगा।
विज्ञापन