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Almora News: पहाड़ का सीना चीर रही जेसीबी, हल्की बारिश में भी दरक रही पहाड़ी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Aug 2025 11:48 PM IST
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JCB is tearing the mountain apart, the mountain is cracking even in light rain
रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्वतीय क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों से हो रहे अंधाधुंध कटान ने पहाड़ों को कमजोर बना दिया है। इसका असर अब मानसून सीजन में भी दिख रहा है। हल्की सी बारिश के बाद ही रानीखेत-खैऱना मार्ग पर मलबा और पत्थर आने से यातायात घंटों बाधित हो रहा है। इससे पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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बीते एक सप्ताह में रानीखेत-खैऱना मार्ग कई बार बंद हुआ है। चौकुनी निवासी मनोज सिंह का कहना है कि पहाड़ का सीना मशीनों से चीरने का नतीजा है कि हल्की सी बारिश में भी सड़कें मलबे में तब्दील हो जाती हैं। रोजाना यात्रियों की जान पर बन आती है।
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रानीखेत बाजार के व्यापारी गोविंद बिष्ट ने कहा कि पर्यटन सीजन में सड़क बार-बार बंद होने से कारोबार पर असर पड़ रहा है। बाहर से आने वाले पर्यटक भी असुविधा महसूस कर रहे हैं।
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खैरना निवासी कुमेर सिंह का कहना है कि बरसात के समय बच्चों को स्कूल भेजना भी जोखिम भरा हो गया है। कभी भी पहाड़ से पत्थर गिर सकते हैं। विशेषज्ञों और ग्रामीणों ने सरकार व निर्माण एजेंसियों से जेसीबी के प्रयोग को नियंत्रित करने, सड़क किनारे पौधरोपण कराने और पक्की नालियों के निर्माण की मांग की है।
उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पहाड़ और कमजोर हो जाएंगे और जनजीवन पर बड़ा संकट खड़ा होगा।
पर्यावरण विशेषज्ञों की राय
निर्माण कार्य वैज्ञानिक और परंपरागत तकनीक से होगा तो भूस्खलन कम हो सकता है। हरियाली और मजबूत जल निकासी तंत्र ही मलबे को रोक सकता है। वरना आने वाले वर्षों में सड़कें ही नहीं, बल्कि गांव और कस्बे भी खतरे में आ जाएंगे। - पारस उपाध्याय, पर्यावरण विशेषज्ञ, अल्मोड़ा
- सरकार को चाहिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी के उपयोग को सीमित करे और सड़क निर्माण के लिए पहाड़ी पारिस्थितिकी के अनुकूल तकनीक अपनाए। इससे सड़कों पर मलबा नहीं आएगा और आवागमन सुरक्षित होगा। - दीपक सिंह, पर्यावरण कार्यकर्ता, रानीखेत

कोट

सड़क निर्माण के दौरान कटान के लिए जेसीबी का उपयोग होता है। संवेदनशील जगहों के लिए बरसात के मौसम के बाद प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। - अजय टम्टा, सहायक अभियंता, प्रांतीय खंड लोनिवि, रानीखेत
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