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डामरीकरण कार्य अचानक रोकने से भड़के ग्रामीणों ने एनएच पर किया चक्काजाम
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सभीड़ा में आंदोलनकारियों को समझाते तहसीलदार हेमंत मेहरा।
- फोटो : ALMORA
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। निर्माणाधीन बरलगांव-गैराड़ मोटर मार्ग निर्माण के सोलिंग और डामरीकरण आदि कार्य को अचानक रोक दिया गया। इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने गैराड़-बरलगांव मोटर मार्ग संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को बसभीड़ा में क्रमिक अनशन कर एनएच 108 पर जाम लगा दिया। संबंधित अधिकारियों से वार्ता के बाद चार घंटे बाद हुए लिखित समझौते के बाद जाम खोला गया। विभाग ने शाम को कार्य भी शुरू कर दिया है।
बरलगांव-गैराड़ मोटर मार्ग पिछले 15 वर्षों से निर्माणाधीन है। इसका लगभग 75 फ़ीसदी कार्य पूरा होने के बाद सोलिंग, डामरीकरण आदि कार्य हुए थे। चौखुटिया से द्वाराहाट जाने वाली पेयजल योजना की लाइन मोटर मार्ग के किनारों से होकर बिछी है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्रीय विधायक महेश नेगी ने उक्त लाइन के टूटने के खतरे की आशंका को जताते हुए सड़क का निर्माण कार्य रुकवा दिया है।
इससे भड़के ग्रामीणों ने संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को बसभीड़ा में क्रमिक अनशन शुरू कर सुबह नौ बजे से एक बजे तक एनएच 108 पर जाम लगा दिया। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी भी की। पूर्व विधायक मदन बिष्ट और तहसीलदार हेमंत मेहरा ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर पीएमजीएसवाई खंड के अभियंताओं और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता की। वार्ता में एई एनसी उपाध्याय ने मंगलवार से पुन: सोलिंग आदि कार्य शुरू करने के लिखित आश्वासन दिया।
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इसके बाद क्रमिक अनशन और आंदोलन समाप्त किया। तभी चार घंटे बाद जाम खुल सका। हालांकि सड़क का कार्य सोमवार शाम से ही शुरू कर दिया गया है। क्रमिक अनशन में खुशाल सिंह, हीरा सिंह थापा, भीम सिंह बैठे थे। आंदोलनकारियों की ओर से समिति के अध्यक्ष गोवर्धन हरबोला, हीरा सिंह, खुशाल सिंह, माधो सिंह, किरन पांडे, उमेश सिंह, सुनीता गोस्वामी, गोपाल सिंह, गोविंद सिंह आदि वार्ता में शामिल रहे।
जाम के चलते लगी वाहनों की कतार
एनएच 108 पर लगे चार घंटे के इस जाम के चलते दोनों छोरों से गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई। द्वाराहाट, रानीखेत, अल्मोड़ा, हल्द्वानी जाने और चौखुटिया, रामनगर, कर्णप्रयाग की ओर जाने वाले यात्रियों को आंदोलनकारियों के आक्रोश का सामना झेलना पड़ा चार घंटे के बाद यातायात सुचारु रुप से चल पाया। इस बीच तहसीलदार हेमंत मेहरा और थानाध्यक्ष अशोक कांडपाल ने भी जाम खोलने के काफी प्रयास किए लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने। कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों ने बताया कि सड़क भी बनेगी और पेयजल योजना भी बाधित नहीं होगा। तभी समझौता हो सका।
बरलगांव मोटर मार्ग जब मैंने स्वीकृत करवाया है तो फिर उक्त मोटर मार्ग का कार्य मैं कैसे रुकवा सकता हूं। लंबे समय से अधर में लटके कार्य को पूरा करवाने के लिए ही उक्त सड़क को मैंने लोनिवि से पीएमजीएसआई में स्थानांतरण करवाया है ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो। मेरा प्रयास तो यही है कि सड़क का निर्माण सावधानी से किया जाए ताकि सड़क के नीचे बिछी द्वाराहाट की पेयजल लाइन डामरीकरण की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त न हो। इस मामले में मुद्दा विहीन कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं जो गलत है।
- महेश नेगी, विधायक, द्वाराहाट-चौखुटिया।
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बरलगांव-गैराड़ मोटर मार्ग पिछले 15 वर्षों से निर्माणाधीन है। इसका लगभग 75 फ़ीसदी कार्य पूरा होने के बाद सोलिंग, डामरीकरण आदि कार्य हुए थे। चौखुटिया से द्वाराहाट जाने वाली पेयजल योजना की लाइन मोटर मार्ग के किनारों से होकर बिछी है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्रीय विधायक महेश नेगी ने उक्त लाइन के टूटने के खतरे की आशंका को जताते हुए सड़क का निर्माण कार्य रुकवा दिया है।
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इससे भड़के ग्रामीणों ने संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को बसभीड़ा में क्रमिक अनशन शुरू कर सुबह नौ बजे से एक बजे तक एनएच 108 पर जाम लगा दिया। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी भी की। पूर्व विधायक मदन बिष्ट और तहसीलदार हेमंत मेहरा ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर पीएमजीएसवाई खंड के अभियंताओं और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता की। वार्ता में एई एनसी उपाध्याय ने मंगलवार से पुन: सोलिंग आदि कार्य शुरू करने के लिखित आश्वासन दिया।
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इसके बाद क्रमिक अनशन और आंदोलन समाप्त किया। तभी चार घंटे बाद जाम खुल सका। हालांकि सड़क का कार्य सोमवार शाम से ही शुरू कर दिया गया है। क्रमिक अनशन में खुशाल सिंह, हीरा सिंह थापा, भीम सिंह बैठे थे। आंदोलनकारियों की ओर से समिति के अध्यक्ष गोवर्धन हरबोला, हीरा सिंह, खुशाल सिंह, माधो सिंह, किरन पांडे, उमेश सिंह, सुनीता गोस्वामी, गोपाल सिंह, गोविंद सिंह आदि वार्ता में शामिल रहे।
जाम के चलते लगी वाहनों की कतार
एनएच 108 पर लगे चार घंटे के इस जाम के चलते दोनों छोरों से गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई। द्वाराहाट, रानीखेत, अल्मोड़ा, हल्द्वानी जाने और चौखुटिया, रामनगर, कर्णप्रयाग की ओर जाने वाले यात्रियों को आंदोलनकारियों के आक्रोश का सामना झेलना पड़ा चार घंटे के बाद यातायात सुचारु रुप से चल पाया। इस बीच तहसीलदार हेमंत मेहरा और थानाध्यक्ष अशोक कांडपाल ने भी जाम खोलने के काफी प्रयास किए लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने। कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों ने बताया कि सड़क भी बनेगी और पेयजल योजना भी बाधित नहीं होगा। तभी समझौता हो सका।
बरलगांव मोटर मार्ग जब मैंने स्वीकृत करवाया है तो फिर उक्त मोटर मार्ग का कार्य मैं कैसे रुकवा सकता हूं। लंबे समय से अधर में लटके कार्य को पूरा करवाने के लिए ही उक्त सड़क को मैंने लोनिवि से पीएमजीएसआई में स्थानांतरण करवाया है ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो। मेरा प्रयास तो यही है कि सड़क का निर्माण सावधानी से किया जाए ताकि सड़क के नीचे बिछी द्वाराहाट की पेयजल लाइन डामरीकरण की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त न हो। इस मामले में मुद्दा विहीन कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं जो गलत है।
- महेश नेगी, विधायक, द्वाराहाट-चौखुटिया।