फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Jairaj will leave no stone unturned to extinguish forest fire

जंगलों की आग बुझाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे : जयराज

Wed, 23 May 2018 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा। Updated Wed, 23 May 2018 11:07 PM IST
विज्ञापन

 प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने कहा कि जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं और वन विभाग इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा। सभी अधिकारियों को फील्ड में रहने को कहा गया है। वह खुद भी राज्य के भ्रमण पर निकले हैं। आग की घटना होने पर जरूरत के मुताबिक मजदूर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वन पंचायतों को आग बुझाने के लिए 2.67 करोड़ रुपये रिलीज किए गए हैं और शीघ्र ही 3.50 करोड़ रुपये और दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वन विभाग में वन रक्षकों के 1400 पद खाली हैं इनमें से 1218 पद भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और छह माह के भीतर नियुक्तियां हो जाएंगी। 

विज्ञापन


यहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार के सीजन में अब तक 1250 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि आग बुझाने के लिए वन विभाग की ओर से सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आग बुझाने के लिए बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। हालांकि बजट उपलब्ध नहीं हुआ है, लेकिन अधिकारियों से कहा गया है कि आग की घटना होने पर जरूरत के हिसाब से मजदूर लगाएं। उन्होंने कहा कि वन पंचायतों के पास संसाधनों की कमी है। इसे देखते हुए वन पंचायतों में आग पर काबू पाने के लिए 2.67 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और शीघ्र ही 3.50 करोड़ रुपये और दिए जाएंगे। हालांकि राज्य में 12089 वन पंचायतें हैं लेकिन आग बुझाने के लिए बजट वहीं दिया जाएगा जहां आग की घटनाएं होंगी। 
विज्ञापन


एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वन विभाग में वन रक्षकों के कुल 3600 पद स्वीकृत हैं इनमें से 1400 पद खाली चल रहे हैं। यह भी बताया कि 1218 पदों में नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि बंदर एक बड़ी समस्या बन चुके हैं। राज्य में बंदरों की आबादी करीब 1.40 लाख हो चुकी है। बंदरों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए इनके बधियाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। अल्मोड़ा और रानीबाग (नैनीताल) में भी बंदरों के बधियाकरण के लिए ऑपरेशन थियेटर भी बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तेंदुओं की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है और तेंदुए आए दिन मानव और पालतू मवेशियों पर हमला कर रहे हैं। तेंदुओं को रखने के लिए बाड़े आदि का निर्माण किया जाएगा। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि तेंदुओं द्वारा मवेशियों को मारने के संबंध में मुआवजा बांटने में एक दिक्कत यह भी आ रही है कि काफी संख्या में लोग फर्जी मामले दिखाकर मुआवजे के लिए आवेदन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चंपावत में गुलिया और लकड़ी के दोहन में अनियमितता के मामले में दोषी वन अधिकारियों के खिलाफ चार्ज शीट दाखिल हो चुकी है और अब संबंधित अफसरों का भी पक्ष पूछा जा रहा है।  

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed