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इस साल भी मेडिकल कालेज शुरू होना संभव नहीं

Tue, 21 Mar 2017 10:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Tue, 21 Mar 2017 10:19 PM IST
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It is not possible to start a medical college this year too.
निर्माणाधीन मेडिकल कालेज। - फोटो : अमर उजाला

 अल्मोड़ा में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज में कक्षाएं इस सत्र में भी शुरू होने की संभावना अब काफी कम है। बीते वर्षों में शासन से पर्याप्त बजट नहीं मिलने के कारण मेडिकल कालेज के भवन का निर्माण 50 प्रतिशत भी पूरा नहीं हो सका है। मेडिकल कालेज के भवनों के निर्माण में करीब 327 करोड़ रुपए खर्च होने का आकलन किया गया है, लेकिन अब तक सिर्फ लगभग 122 करोड़ रुपए ही मिले हैं। पूर्व में विभाग ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष की जरूरतों के मुताबिक भवन तैयार करने का फैसला किया था, लेकिन भवनों का यह भाग भी कब तक बनकर तैयार होगा यह कहना मुश्किल है। अब प्रदेश की भाजपा सरकार पर मेडिकल कालेज के भवन का निर्माण पूरा करके समय पर कक्षाएं शुरु करने की चुनौती है।

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मालूम हो कि अल्मोड़ा में कई साल पहले मेडिकल कालेज को मंजूरी मिली थी। मार्च 2012 में इसके लिए पांच करोड़ रुपए मंजूर हुए और इसके बाद मेडिकल कालेज के भवन का निर्माण कार्य यहां पांडेखोला में शुरू हुआ। मेडिकल कालेज
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के भवनों के निर्माण में करीब 327 करोड़ रुपए की लागत आने का आकलन किया गया है, लेकिन शुरू से ही इसके लिए काफी कम धनराशि आवंटित हुई। शासन से शुरू के तीन साल में सिर्फ 46 करोड़ रुपए मिल सके। जिससे निर्माण बहुत धीमी गति से चला। इस भवन का निर्माण कर रही उप्र निर्माण निगम को अब तक कुल करीब 122 करोड़ रुपए ही मिल पाए हैं। इसी हिसाब से भवनों का निर्माण हो पाया है। बताया गया है कि अभी तक 50 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हो सका है।
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कुछ माह पहले मंडलायुक्त डी सेंथिल पांडियन और सीएमओ डा.आरसी पंत सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यह तय किया कि फिलहाल एमबीबीएस प्रथम वर्ष के लिए जरूरी भवनों का निर्माण पूरा किया जाए। उसके बाद से निर्माण एजेंसी इसी के मुताबिक भवनों का निर्माण कर रही है। हालांकि एमबीबीएस प्रथम वर्ष के भवनों के निर्माण में भी अभी काफी वक्त लगने की संभावना है। अब प्रदेश की नई सरकार पर भवन का निर्माण शीघ्र पूरा करके कक्षाएं जल्द शुरू कराने की चुनौती है। इधर सीएमओ डा.आरसी पंत ने बताया कि शीघ्र ही मौके पर निरीक्षण करके प्र

गति की समीक्षा का जाएगी और इसकी रिपोर्ट वह चिकित्सा शिक्षा विभाग को देंगे। उन्होंने कहा कि कक्षाएं कब तक शुरू होंगी इस बारे में फैसला निदेशालय स्तर से ही होना है। 

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