फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   IR Almora For Radio Day

आकाशवाणी अल्मोड़ा अब व्हाट्सअप से भी जुड़ा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2021 11:35 PM IST
विज्ञापन
IR Almora For Radio Day
आकाशवाणी केन्द्र अल्मोड़ा। - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा की शान माने जाने वाले आकाशवाणी केंद्र का दायरा बढ़ाने के लिए अब इसको सोशल मीडिया से जोड़ दिया गया है। विश्व रेडियो दिवस को देखते हुए उसकी पूर्व संध्या पर आकाशवाणी केंद्र ने अपना व्हॉट्सएप नंबर जारी कर दिया है। जिस पर लोग अपनी बात आकाशवाणी केंद्र तक सीधे पहुंचा सकेंगे।
विज्ञापन

आकाशवाणी आज भी लोगों तक पहुंचने का सशक्त माध्यम है। आकाशवाणी केंद्र अल्मोड़ा से जानकारी मिली कि अभी तक लोग अपनी बात केंद्र तक पहुंचाने के लिए ई मेल और डाक पत्र का सहारा लेते थे। अब इसके साथ ही 9411101122 पर सीधे व्हॉट्सएप भी कर सकते हैं। इसके साथ ही इस नंबर पर साधारण एसएमएस भी भेज सकते हैं। फिलहाल इस नंबर पर लोग अपने पसंदीदा फिल्मी गीतों को भेजेंगे।
विज्ञापन

जल्द ही इस नंबर का इस्तेेमाल किसान वाणी कार्यक्रम में भी किया जाएगा। जिसमें किसान भाई सीधे अपनी समस्या भेजेंगे, जिसका समाधान कार्यक्रम में किया जाएगा। यही नहीं आकाशवाणी केंद्र की तैयारी है कि आने वाले दिनों में एक ऐसा कार्यक्रम तैयार किया जाए जिसमें लोग इस नंबर पर अपनी कोई भी समस्या भेज सकें और उनकी समस्या को संबंधित अधिकारी तक पहुंचाकर उनकी समस्या का समाधान करवाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बोलियों को बचाने का काम रेडियो ने ही किया है : जोशी
अल्मोड़ा। आकाशवाणी केंद्र के निदेशक प्रतुल जोशी ने बताया कि किसी भी जगह की बोलियों को बचाने का सबसे बड़ा काम रेडियो ही करता है। बताया कि विश्व में अगर अब किसी ऐसे संस्थान के बार में पता करेंगे जिसके पास कुमाऊंनी बोली के सबसे ज्यादा गीत हैं तो वह आकाशवाणी केंद्र अल्मोड़ा है। यह धरोहर है जिसे संजोए के रखने की जरूरत है। किसानों से जुुड़े मुद्दे हों या स्वास्थ्य से जुड़ीं बातें, रेडियो हमेशा इस पर कार्यक्रम प्रस्तुत करता रहा है।
उद्घाटन वाले दिन कार्यक्रम में पड़ गई थी बाधा
अल्मोड़ा। आकाशवाणी केंद्र अल्मोड़ा से जुड़ी पुरानी याद ताजा करते हुए तब के प्रोग्राम प्रेजेंटर और अब सेवानिवृत्त हो चुके जेसी पांडेय ने बताया कि 15 जून 1986 को आकाशवाणी केेंद्र,अल्मोड़ा का शुभारंभ कार्यक्रम था। यहीं केंद्र में एक मंच बनाया गया था। जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन होना था। इसमें यहां के हुक्का क्लब जैसी संस्थाओं के साथ ही अन्य रंगकर्मियों की मदद ली गई थी। बताया कि केंद्र के उद्घाटन के लिए यहां बाहर से आकाशवाणी के कई बड़े अधिकारी पहुंचे थे।
उद्घाटन का फीता तो कट गया, लेकिन उसके बाद मूसलाधार बारिश हो गई और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी धरी रह गई। बताया कि इसके बाद भी अल्मोड़ा में उत्सव का माहौल था। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा को अपनी आवाज कहने का मंच मिल गया था। बताया कि स्टेशन के संचालन की तैयारी 1985 से शुरू हो गई थी। एक साल तक सर्वे चला था। जागेश्वर, चितई के पास भी जमीन देखी गई थी बाद में उसी जमीन को तय किया गया जहां आज आकाशवाणी केंद्र है। आकाशवाणी केंद्र अल्मोड़ा में उस समय कुमाऊंनी लोकगाथाओं पर तैयार किए गए नाटक काफी पसंद किए जाते थे।

कर्मचारियों की समस्या से जूझ रहा है आकाशवाणी केंद्र अल्मोड़ा
अल्मोड़ा। आकाशवाणी केंद्र अल्मोड़ा में 2015 के बाद कोई नई भर्ती नहीं हुई है। यहां 2024 के बाद कर्मचारियों की भारी कमी हो जाएगी। अगर इस केंद्र का सही संचालन करना है तो सरकार को यहां पर इंजीनियर, प्रोग्रामर जैसे पदों पर नई भर्तियां करनी होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed