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अगर सेवा नहीं दे सकते हो तो ताला लगा दो महिला अस्पताल में
Thu, 18 Apr 2019 11:43 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Thu, 18 Apr 2019 11:43 PM IST
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महिला अस्पताल पहुंचकर नाराजगी जताते विधानसभा उपाध्यक्ष चौहान।
- फोटो : AMAR UJALA
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अल्मोड़ा महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को रेफर करने की शिकायतें आम हो गई हैं। बृहस्पतिवार को दूरस्थ दियारी गांव से पहुंची गर्भवती महिला को एक बार फिर से रेफर कर दिया गया। गर्भवती को एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया जहां आधे घंटे के भीतर ऑपरेशन से प्रसव हो गया। इस प्रकरण की जानकारी मिलने के बाद नाराज विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान महिला अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने दूर गांव से पहुंची गर्भवती को रेफर करने पर डॉक्टरों को जमकर फटकार लगाई और डीजी हेल्थ से फोन पर वार्ता करके इस मामले की तुरंत जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नाराज विधानसभा उपाध्यक्ष बोले कि अगर सेवा नहीं दे सकते हो तो अल्मोड़ा महिला अस्पताल को ताला लगा दो।
उन्होंने डीजी से सीएमओ, सीएमएस और डॉक्टर का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश देते हुए यह मामला विधानसभा में उठाने की चेतावनी भी दी। भैंसियाछाना ब्लॉक के दियारी गांव निवासी 21 वर्षीय गर्भवती बबीता को प्रसव पीड़ा के बाद उनके पति नंदन सिंह ने बुधवार को महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। चेकअप के बाद बृहस्पतिवार शाम को गर्भवती महिला के पति नंदन सिंह को डॉक्टर ने जटिल मामला बताते हुए गर्भवती को बाहर ले जाने को कहा। परेशान नंदन सिंह ने स्थानीय विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान को सूचना दी और पत्नी को नगर के दूसरे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दिया। ऑपरेशन के आधे घंटे के बाद बबीता ने एक बच्चे को जन्म दिया। विधानसभा उपाध्यक्ष चौहान ने महिला अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों को फटकार लगाते हुए कहा कि जब नगर के दूसरे अस्पताल में ऑपरेशन हो सकता है तो महिला अस्पताल में डॉक्टरों के होने के बावजूद आपरेशन क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से महिला अस्पताल से रेफर के काफी केस सामने आ रहे हैं जबकि बाद में कई गर्भवती महिलाओं की सामान्य डिलीवरी हुई। उन्होंने डीजी हेल्थ को सीएमओ, सीएमएस और डॉक्टर का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। इधर महिला अस्पताल की डॉक्टर इंदू पुनेठा ने बताया कि महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था और सूजन काफी ज्यादा थी। बच्चे का सिर ऊपर की ओर था समय ज्यादा होने के कारण वजन भी बढ़ गया था जिससे बच्चे की डिलीवरी के समय फंसने की संभावना थी। रात के समय केवल एक महिला डॉक्टर होने और डिलीवरी कराने में खतरा काफी ज्यादा था इसलिए मरीज को सुशीला तिवारी हल्द्वानी के लिए रेफर किया गया था।
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उन्होंने डीजी से सीएमओ, सीएमएस और डॉक्टर का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश देते हुए यह मामला विधानसभा में उठाने की चेतावनी भी दी। भैंसियाछाना ब्लॉक के दियारी गांव निवासी 21 वर्षीय गर्भवती बबीता को प्रसव पीड़ा के बाद उनके पति नंदन सिंह ने बुधवार को महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। चेकअप के बाद बृहस्पतिवार शाम को गर्भवती महिला के पति नंदन सिंह को डॉक्टर ने जटिल मामला बताते हुए गर्भवती को बाहर ले जाने को कहा। परेशान नंदन सिंह ने स्थानीय विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान को सूचना दी और पत्नी को नगर के दूसरे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दिया। ऑपरेशन के आधे घंटे के बाद बबीता ने एक बच्चे को जन्म दिया। विधानसभा उपाध्यक्ष चौहान ने महिला अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों को फटकार लगाते हुए कहा कि जब नगर के दूसरे अस्पताल में ऑपरेशन हो सकता है तो महिला अस्पताल में डॉक्टरों के होने के बावजूद आपरेशन क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से महिला अस्पताल से रेफर के काफी केस सामने आ रहे हैं जबकि बाद में कई गर्भवती महिलाओं की सामान्य डिलीवरी हुई। उन्होंने डीजी हेल्थ को सीएमओ, सीएमएस और डॉक्टर का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। इधर महिला अस्पताल की डॉक्टर इंदू पुनेठा ने बताया कि महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था और सूजन काफी ज्यादा थी। बच्चे का सिर ऊपर की ओर था समय ज्यादा होने के कारण वजन भी बढ़ गया था जिससे बच्चे की डिलीवरी के समय फंसने की संभावना थी। रात के समय केवल एक महिला डॉक्टर होने और डिलीवरी कराने में खतरा काफी ज्यादा था इसलिए मरीज को सुशीला तिवारी हल्द्वानी के लिए रेफर किया गया था।
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