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नहीं जागे तो जल, जंगल, जमीन पर होगा पूंजीपतियों का अधिकार
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, द्वाराहाट (अल्मोड़ा)।
Updated Sun, 07 Feb 2016 11:54 PM IST
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नानीसार मसले पर यहां उपपा, उक्रांद और महिला एकता परिषद, जनसरोकारी मंच, ग्राम प्रधान संगठन और रिस्कन घाटी संघर्ष समिति की संयुक्त बैठक में प्रदेश सरकार पर पहाड़ की शांत वादियों को गुंडाकल्चर के हवाले करने, जल, जंगल और जमीन को कौड़ियों के भाव लुटाने का आरोप लगाया गया।
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उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत की शह पर पूंजीपतियों के लिए प्रदेश में कोई कानून नहीं रह गया है। लोग समय रह कर सचेत होकर इस तरह की ताकतों का विरोध करें, नहीं तो पहाड़ गुंडागर्दी का केंद्र बनकर रह जाएगा।
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रविवार को यहां नानीसार प्रकरण को लेकर गोष्ठी में वृहद चर्चा हुई। तिवारी ने कहा कि एक ओर वन अधिनियम के कारण क्षेत्र में कई सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है, दूसरी तरफ नानीसार में जिंदल ग्रुप धड़ल्ले से हरे पेड़ों की बलि चढ़ा रहा है। प्रदेश सरकार इस पर मौन है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि हरीश रावत निजी फायदे के लिए पहाड़ को बेचने पर तुले हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को समय रहते सजग हो जाना चाहिए, नहीं तो पूंजीपतियों के अधीन कार्य करना पड़ेगा। गोष्ठी में हेमा नेगी, हरवंश बिष्ट, जगदीश रौतेला, मधुबाला कांडपाल, विपिन पंत, हिम्मत सिंह, मोहन कांडपाल, माया जोशी, भगवती तिवारी, प्रकाश जोशी, रमेश कांडपाल, मनोज जोशी आदि थे।
उपपा केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनकी सीधी लड़ाई मुख्यमंत्री हरीश रावत से है। आरोप लगाया कि हरीश रावत अपने स्वार्थों को सिद्ध करने के लिए पहाड़ को पूंजीपतियों के हाथों लुटवा रहे हैं। पहाड़ की शांत वादियों में रहने वाले लोगों को बाउंसरों और गुंडों के माध्यम से डराया धमकाया जा रहा है।
पूरा प्रदेश गुंडागर्दी का केंद्र बनाकर रख दिया है। इसका विरोध नहीं किया तो खामियाजा स्थानीय लोगों को ही भुगतना पड़ेगा। तिवारी ने नानीसार में सरकार ने गलत तरीके से भूमि पूंजीपति जिंदल को लुटाई। ग्रामीणों को विश्वास में लिए बगैर अंतर्राष्ट्रीय विद्यालय का शिलान्यास कर दिया।
जब इसका विरोध हुआ तो आंदोलनकारी ताकतों पर दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। विपक्षी दलों के लोग भी इस मामले में मौन साधे हुए हैं, जबकि उन्हें इस लड़ाई में खुलकर सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनैतिक संघर्ष नहीं है, लेकिन उत्तराखंड की अस्मिता की रक्षा के लिए वह हमेशा लड़ते रहेंगे।
अल्मोड़ा में होने वाली जवाब दो रैली की तैयारी को क्षेत्र भ्रमण पर आए पीसी तिवारी ने नानीसार प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुंडागर्दी पर उतर आए जिंदल के बाउंसरों को सरकार का संरक्षण है इसी के चलते उनकी गिरफ्तारी नही हो पा रही है।