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सुधर नहीं पा रही रामनगर स्टेट हाइवे सड़क की बदहाली
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रामनगर मोटर मार्ग में सौनी के आगे इस तरह बने हैं गड्ढे। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। तमाम कोशिशों के बावजूद ताड़ीखेत-मोहान-रामनगर राज्य मार्ग (स्टेट हाईवे) की हालत सुधार नहीं पा रही है। मार्ग में पैच भरान का कार्य भी नहीं टिक पा रहा है। सौनी से भतरौंजखान तक सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
कुछ समय पहले ही विभाग ने पैच भरान का कार्य किया था लेकिन जहां पैच भरे गए हैं। उसका डामर उखड़ चुका है और दोपहिया वाहनों के रपटने का जरिया बना हुआ है। दूसरी तरफ पांच साल बाद भी इस मार्ग को एनएच में शामिल करने की कार्यवाही नहीं हो सकी है।
रानीखेत-रामनगर मोटर मार्ग आजादी से पहले की सड़क है लेकिन यह सड़क वर्तमान में बदहाली का दंश झेल रही है। हालात यह हैं कि 2010 के बाद से ही इस मार्ग पर पक्का डामरीकरण नहीं हुआ है। इस सड़क से हर दिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। सौनी से आगे जगह-जगह गड्ढे बन चुके हैं। इधर, लोनिवि प्रांतीय खंड के एई केएस बिष्ट ने बताया कि 2010 के बाद सड़क में पक्का डामरीकरण नहीं हुआ है।
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बीच में पैच भरे गए थे, लेकिन डामर लाइफ पूरी कर चुका है। स्टेट हाइवे पर डामरीकरण की लाइफ चार साल होती है। अब जहां पैच भर रहे हैं, उसके बगल में गड्ढे बन जा रहे हैं। फिलहाल जहां गड्ढे बने हुए हैं वहां कच्चे पैच भरे जाएंगे। तापमान अनुकूल होते ही पक्का कार्य किया जाएगा।
-रामनगर मोटर मार्ग सबसे पुराना मोटर मार्ग है। इस मोटर मार्ग को संजोकर रखना चाहिए था। आज सड़क की हालत बेहद खराब है। पैच भरान का कार्य भी नहीं टिक पा रहा है। इसकी हालत सुधारनी चाहिए।
-प्रमोद रावत, व्यापार मंडल कोषाध्यक्ष ताड़ीखेत।
-ताड़ीखेत से आगे भी सड़क में कई गड्ढे बने हुए हैं। सौनी पर कई स्थानों पर गड्ढों के कारण किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। पूरे मार्ग में डामर उखड़ रहा है। इसे ठीक करना चाहिए।
-प्रकाश सिंह नेगी, ताड़ीखेत।
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कुछ समय पहले ही विभाग ने पैच भरान का कार्य किया था लेकिन जहां पैच भरे गए हैं। उसका डामर उखड़ चुका है और दोपहिया वाहनों के रपटने का जरिया बना हुआ है। दूसरी तरफ पांच साल बाद भी इस मार्ग को एनएच में शामिल करने की कार्यवाही नहीं हो सकी है।
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रानीखेत-रामनगर मोटर मार्ग आजादी से पहले की सड़क है लेकिन यह सड़क वर्तमान में बदहाली का दंश झेल रही है। हालात यह हैं कि 2010 के बाद से ही इस मार्ग पर पक्का डामरीकरण नहीं हुआ है। इस सड़क से हर दिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। सौनी से आगे जगह-जगह गड्ढे बन चुके हैं। इधर, लोनिवि प्रांतीय खंड के एई केएस बिष्ट ने बताया कि 2010 के बाद सड़क में पक्का डामरीकरण नहीं हुआ है।
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बीच में पैच भरे गए थे, लेकिन डामर लाइफ पूरी कर चुका है। स्टेट हाइवे पर डामरीकरण की लाइफ चार साल होती है। अब जहां पैच भर रहे हैं, उसके बगल में गड्ढे बन जा रहे हैं। फिलहाल जहां गड्ढे बने हुए हैं वहां कच्चे पैच भरे जाएंगे। तापमान अनुकूल होते ही पक्का कार्य किया जाएगा।
-रामनगर मोटर मार्ग सबसे पुराना मोटर मार्ग है। इस मोटर मार्ग को संजोकर रखना चाहिए था। आज सड़क की हालत बेहद खराब है। पैच भरान का कार्य भी नहीं टिक पा रहा है। इसकी हालत सुधारनी चाहिए।
-प्रमोद रावत, व्यापार मंडल कोषाध्यक्ष ताड़ीखेत।
-ताड़ीखेत से आगे भी सड़क में कई गड्ढे बने हुए हैं। सौनी पर कई स्थानों पर गड्ढों के कारण किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। पूरे मार्ग में डामर उखड़ रहा है। इसे ठीक करना चाहिए।
-प्रकाश सिंह नेगी, ताड़ीखेत।