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प्राचीन परंपरा का अमूल्य उपहार है योग : परीक्षित
Wed, 04 Jun 2025 11:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 04 Jun 2025 11:46 PM IST
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योग सत्र में योगाभ्यास करते एसएसबी के जवान व अधिकारी। संवाद
रानीखेत (अल्मोड़ा)। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सीमांत मुख्यालय रानीखेत और आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सात दिनी योग सत्र का बुधवार को आगाज हो गया है। एसएसबी परिसर में आयोजित सत्र के पहले दिन कुल 71 अधिकारियों और कर्मियों ने योग अभ्यास में हिस्सा लिया।
उप महानिरीक्षक परीक्षित बेहेरा ने कहा कि योग हमारी प्राचीन परंपरा का अमूल्य उपहार है। यह जीवन को तनावमुक्त, अनुशासित और स्वस्थ बनाने में सहायक है। नियमित योगाभ्यास से बलकर्मियों की कार्यक्षमता और मानसिक दृढ़ता में वृद्धि होती है। उप महानिरीक्षक (चिकित्सा) डॉ. ओबी सिंह ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि एक जीवन शैली है। यह मनुष्य के शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है और दीर्घकालीन स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। वहां आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग के डा. ललित मोहन जोशी, डॉ. कुबेर सिंह अधिकारी आदि मौजूद रहे।
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उप महानिरीक्षक परीक्षित बेहेरा ने कहा कि योग हमारी प्राचीन परंपरा का अमूल्य उपहार है। यह जीवन को तनावमुक्त, अनुशासित और स्वस्थ बनाने में सहायक है। नियमित योगाभ्यास से बलकर्मियों की कार्यक्षमता और मानसिक दृढ़ता में वृद्धि होती है। उप महानिरीक्षक (चिकित्सा) डॉ. ओबी सिंह ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि एक जीवन शैली है। यह मनुष्य के शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है और दीर्घकालीन स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। वहां आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग के डा. ललित मोहन जोशी, डॉ. कुबेर सिंह अधिकारी आदि मौजूद रहे।
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