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Almora News: एक बच्चे का घर में हुआ जन्म, दूसरे के प्रसव को लाना पड़ा अस्पताल
Sun, 08 Jun 2025 11:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 08 Jun 2025 11:48 PM IST
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कपकोट/बागेश्वर। तहसील क्षेत्र के दूरस्थ गांव बदियाकोट की एक महिला ने जुड़वा बच्चों को घर और अस्पताल में जन्म दिया। पहले बच्चे का घर पर ही सुरक्षित प्रसव होने के बाद महिला को पहले डोली फिर एंबुलेंस की मदद से अस्पताल लाना पड़ा। करीब 15 घंटे बाद उसने दूसरे बच्चे को जन्म दिया।
बदियाकोट गांव के बुड़ियाखेत तोक निवासी गोविंदी देवी (28) पत्नी दिनेश कुमार को शुक्रवार की रात को करीब दस बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। महिला का पति उस दिन गांव से बाहर गया था। पड़ोसियों की मदद से सेवानिवृत्त एएनएम भवानी देव को बुलाया गया। उन्होंने रात के करीब 12 बजे महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। दूसरे बच्चे का सुरक्षित प्रसव नहीं होने के बाद एएनएम देव ने 108 सेवा की एंबुलेंस को फोन किया। महिला को गांव से सड़क तक दो किमी डोली पर लाया गया। एंबुलेंस की मदद से उन्हें सीएचसी कपकोट लाए। अस्पताल में महिला ने शनिवार की शाम सामान्य प्रसव के बाद दूसरे बच्चे को जन्म दिया। डॉ. प्रतीक ने बताया कि महिला की डिलीवरी समय से पूर्व हो गई थी। दोनों बच्चे 1.700 किलो के हुए थे। बेहतर देखरेख के लिए जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
दो महीने बाद की मिली थी डेट
कपकोट। दिनेश ने बताया कि डिलीवरी के दो दिन पहले उन्होंने पत्नी का जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया था। जांच के बाद दो महीने बाद डिलीवरी की तिथि बताई गई थी लेकिन समय से पूर्व ही प्रसव हो गया। ऐसी जानकारी होती तो पहले ही पत्नी को लेकर कपकोट या जिला मुख्यालय आ जाते।
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बदियाकोट गांव के बुड़ियाखेत तोक निवासी गोविंदी देवी (28) पत्नी दिनेश कुमार को शुक्रवार की रात को करीब दस बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। महिला का पति उस दिन गांव से बाहर गया था। पड़ोसियों की मदद से सेवानिवृत्त एएनएम भवानी देव को बुलाया गया। उन्होंने रात के करीब 12 बजे महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। दूसरे बच्चे का सुरक्षित प्रसव नहीं होने के बाद एएनएम देव ने 108 सेवा की एंबुलेंस को फोन किया। महिला को गांव से सड़क तक दो किमी डोली पर लाया गया। एंबुलेंस की मदद से उन्हें सीएचसी कपकोट लाए। अस्पताल में महिला ने शनिवार की शाम सामान्य प्रसव के बाद दूसरे बच्चे को जन्म दिया। डॉ. प्रतीक ने बताया कि महिला की डिलीवरी समय से पूर्व हो गई थी। दोनों बच्चे 1.700 किलो के हुए थे। बेहतर देखरेख के लिए जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
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दो महीने बाद की मिली थी डेट
कपकोट। दिनेश ने बताया कि डिलीवरी के दो दिन पहले उन्होंने पत्नी का जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया था। जांच के बाद दो महीने बाद डिलीवरी की तिथि बताई गई थी लेकिन समय से पूर्व ही प्रसव हो गया। ऐसी जानकारी होती तो पहले ही पत्नी को लेकर कपकोट या जिला मुख्यालय आ जाते।
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