मौलेखाल में स्वास्थ्य व्यवस्था मजाक बनी
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तहसील क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था मजाक बनकर रह गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भौनखाल में तीन डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक एएनएम होने के बावजूद रोगी उपचार के लिए दर-दर भटक रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में तैनात स्टाफ ड्यूटी के दौरान अधिकांश दिन गायब रहता है। इस कारण दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले रोगियों और तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार अस्पताल का वार्ड ब्वाय ही रोगियों का उपचार कर दवा देता है। स्थिति यह है कि कई बार छोटी बीमारी के उपचार के लिए भी रोगियों को यहां से 50 किमी दूर रामनगर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पूर्व में कई बार सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रदेश के नए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को फैक्स से ज्ञापन भेज कर मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
तहसील क्षेत्र के भौनखाल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है। इस केंद्र में तीन डाक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक एएनएम और एक सुपरवाइजर तैनात है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल का पूरा स्टाफ ड्यूटी के दौरान अधिकांश समय गायब रहता है। इस अस्पताल में तड़म, तोलियो, काठ की नाव, भौनखाल, हरड़ा समेत कई दूरस्थ गांवों से रोगी उपचार कराने आते हैं, लेकिन अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ होने के बाद भी रोगियों को उपचार नहीं मिल पाता है। स्थिति यह है कि कई बार अस्पताल का वार्ड ब्वाय ही रोगियों का उपचार कर उन्हें दवा दे देता है। इससे कई बार रोगियों की जान को खतरा बना रहता है। गत 16 मार्च को हुई वाहन दुर्घटना के 16 घायलों को इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में उस दौरान कोई भी डाक्टर ड्यूटी में तैनात नहीं था। उनका कहना है कि यदि डाक्टर ड्यूटी में तैनात होते तो घायलों की जान बच सकती थी। हालांकि वार्ड ब्वाय ने रोगियों की मरहम पट्टी की, लेकिन डाक्टर और अन्य स्टाफ ड्यूटी से गायब रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले में कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने अब प्रदेश के नए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजकर मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन भेजने वालों में भाजपा के जिला मंत्री गिरीश चंद्र सत्यवली, प्रधान कुबेर सिंह रावत, विरेंद्र सिंह सजवाण आदि शामिल हैं।
कोट-
भौनखाल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन डाक्टर और अन्य स्टाफ तैनात है। अगर ड्यूटी के समय स्टाफ के अनुपस्थित होने की शिकायत मिली तो जांच करवाने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सभी अस्पतालों के लिए अलग से भी निर्देश
जारी किए जा रह हैं।
डा.आरसी पंत सीएमओ अल्मोड़ा।