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उत्पीड़न के मामले में प्राथमिक स्कूल बैगनियां की प्रधानाध्यापिका की सेवा समाप्त
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अल्मोड़ा। शिक्षा विभाग ने छात्रा के उत्पीड़न के मामले में राजकीय प्राथमिक स्कूल बैगनियां (लमगड़ा) की निलंबित प्रधानाध्यापिका दया श्यालाकोटी की सेवाएं समाप्त कर दीं हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी एचबी चंद ने बताया कि प्राथमिक स्कूल बैगनियां में वर्ष 2018 में एक सहायक शिक्षक और तत्कालीन प्रधानाध्यापिका दया श्यालाकोटी पर बच्ची के उत्पीड़न का आरोप लगे थे। विभाग ने पूर्व में दोनों को निलंबित कर दिया था।
आरोपित सहायक शिक्षक जेल में बंद है। उसकी सेवाएं पहले ही समाप्त कर दी गईं थीं। उन्होंने बताया कि विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में पोक्सो एक्ट में प्रधानाध्यापिका दया श्यालाकोटी पर छह अक्तूबर 2018 को दोष सिद्ध हुआ था। प्रधानाध्यापिका उच्च न्यायालय से जमानत पर हैं और मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
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सीईओ ने बताया कि प्रधानाध्यापिका निलंबन निरस्त करने के लिए दबाव बना रही थी। न्यायालय से दोषी ठहराए जाने के बाद उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 2003 यथा संशोधित 2010 के नियम तीन (ख) (चार) के तहत प्रधानाध्यापिका दया श्यालाकोटी की सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं।
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मुख्य शिक्षा अधिकारी एचबी चंद ने बताया कि प्राथमिक स्कूल बैगनियां में वर्ष 2018 में एक सहायक शिक्षक और तत्कालीन प्रधानाध्यापिका दया श्यालाकोटी पर बच्ची के उत्पीड़न का आरोप लगे थे। विभाग ने पूर्व में दोनों को निलंबित कर दिया था।
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आरोपित सहायक शिक्षक जेल में बंद है। उसकी सेवाएं पहले ही समाप्त कर दी गईं थीं। उन्होंने बताया कि विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में पोक्सो एक्ट में प्रधानाध्यापिका दया श्यालाकोटी पर छह अक्तूबर 2018 को दोष सिद्ध हुआ था। प्रधानाध्यापिका उच्च न्यायालय से जमानत पर हैं और मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
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सीईओ ने बताया कि प्रधानाध्यापिका निलंबन निरस्त करने के लिए दबाव बना रही थी। न्यायालय से दोषी ठहराए जाने के बाद उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 2003 यथा संशोधित 2010 के नियम तीन (ख) (चार) के तहत प्रधानाध्यापिका दया श्यालाकोटी की सेवाएं समाप्त कर दी गईं हैं।