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अल्मोड़ा में हर्षोउल्लास के साथ मनाया हरेला
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अल्मोड़ा। नगर समेत क्षेत्र भर में शुक्रवार को हरेला का पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराने के बाद लगभग 10 दिन पहले बोए गए हरेले को काटा। आस्था के साथ उसे मंदिर में चढ़ाया। बड़े-बुजुर्गों ने बच्चों को आशीर्वाद दिया। जबकि एक दूसरे के सिरों पर हरेला चढ़ाया गया।
शुक्रवार को हरेला काटने के बाद श्रद्धा के साथ लोगों ने हरेले को मंदिर में चढ़ाया। इसके बाद लोगों ने हरेला शिरोधारण किया गया। अल्मोड़ा में नंदादेवी, रघुनाथ मंदिर, बद्रेश्वर मंदिर, बदरीनाथ, सिद्ध बाबा मंदिर, चितई और पातालदेवी मंदिर में लोगों ने हरेला चढ़ाया ओर पूजा अर्चना के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। बड़े-बुजुर्गों ने जी रया जागी रया, यो दिन मास भेटने रैया जैसे आशीर्वचन दिए। बच्चों ने एक दूसरे के सिरों पर हरेला चढ़ाकर उनके सुखमय जीवन की कामना की। मान्यता है कि हरेले पर लगाया गया पौधा सूखता नहीं है। इसलिए कई जगह पौध रोपण कर उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया गया। घरों में विभिन्न पकवान भी बनाए गए। मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
हरेला महोत्सव प्रतियोगिता -2021 की विजेता रही हर्षिता गुरूरानी
अल्मोड़ा। स्व. दानी देवी मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से शिखर सभागार में आयोजित हरेला महोत्सव प्रतियोगिता-2021 की विजेता हर्षिता गुरूरानी रही। सरस्वती आर्या द्वितीय और विमला तिवारी तृतीय स्थान पर रही। मुख्य अतिथि जागेश्वर के विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने अव्वल रहे प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।
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विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की पहल पर इस वर्ष यह महोत्सव अल्मोड़ा में आयोजित किया गया। यह आयोजन हरेला और हरियाली के संदेश जन-जन तक पहुंचाने में सफल हुआ है। प्रतियोगिता में शहर और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से 41 महिलाएं कुमाउंनी परिधान और आभूषण पहनकर हरेला लेकर पहुंची थी। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के हरेले और परिधान का आंकलन किया। प्रतियोगिता में पहले स्थान पर रही हर्षिता गुरुरानी को 4100 रुपये पुरस्कार, दूसरे स्थान पर रही सरस्वती आर्या को 3100 रुपये पुरस्कार राशि और तीसरे स्थान पर रही विमला तिवारी को 2100 रुपये पुरस्कार दिए गए। इसके अलावा ग्यारह प्रतिभागियों को 1100-1100 रुपये का सांत्वना पुरस्कार दिया गया। निर्णायक प्रो. ईला साह, वसुधा पंत, राधा तिवारी, मनमोहन चौधरी, नवीन बिष्ट, नारायण थापा, सुरेश चंद्र तिवारी, रमेश लाल, दिपांशु थे। प्रतियोगिता के पश्चात आम और आड़ू फलों की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। तीन विजेता महिलाओं को भी पुरस्कृत किया गया।
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शुक्रवार को हरेला काटने के बाद श्रद्धा के साथ लोगों ने हरेले को मंदिर में चढ़ाया। इसके बाद लोगों ने हरेला शिरोधारण किया गया। अल्मोड़ा में नंदादेवी, रघुनाथ मंदिर, बद्रेश्वर मंदिर, बदरीनाथ, सिद्ध बाबा मंदिर, चितई और पातालदेवी मंदिर में लोगों ने हरेला चढ़ाया ओर पूजा अर्चना के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। बड़े-बुजुर्गों ने जी रया जागी रया, यो दिन मास भेटने रैया जैसे आशीर्वचन दिए। बच्चों ने एक दूसरे के सिरों पर हरेला चढ़ाकर उनके सुखमय जीवन की कामना की। मान्यता है कि हरेले पर लगाया गया पौधा सूखता नहीं है। इसलिए कई जगह पौध रोपण कर उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया गया। घरों में विभिन्न पकवान भी बनाए गए। मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
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हरेला महोत्सव प्रतियोगिता -2021 की विजेता रही हर्षिता गुरूरानी
अल्मोड़ा। स्व. दानी देवी मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से शिखर सभागार में आयोजित हरेला महोत्सव प्रतियोगिता-2021 की विजेता हर्षिता गुरूरानी रही। सरस्वती आर्या द्वितीय और विमला तिवारी तृतीय स्थान पर रही। मुख्य अतिथि जागेश्वर के विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने अव्वल रहे प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।
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विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की पहल पर इस वर्ष यह महोत्सव अल्मोड़ा में आयोजित किया गया। यह आयोजन हरेला और हरियाली के संदेश जन-जन तक पहुंचाने में सफल हुआ है। प्रतियोगिता में शहर और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से 41 महिलाएं कुमाउंनी परिधान और आभूषण पहनकर हरेला लेकर पहुंची थी। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के हरेले और परिधान का आंकलन किया। प्रतियोगिता में पहले स्थान पर रही हर्षिता गुरुरानी को 4100 रुपये पुरस्कार, दूसरे स्थान पर रही सरस्वती आर्या को 3100 रुपये पुरस्कार राशि और तीसरे स्थान पर रही विमला तिवारी को 2100 रुपये पुरस्कार दिए गए। इसके अलावा ग्यारह प्रतिभागियों को 1100-1100 रुपये का सांत्वना पुरस्कार दिया गया। निर्णायक प्रो. ईला साह, वसुधा पंत, राधा तिवारी, मनमोहन चौधरी, नवीन बिष्ट, नारायण थापा, सुरेश चंद्र तिवारी, रमेश लाल, दिपांशु थे। प्रतियोगिता के पश्चात आम और आड़ू फलों की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। तीन विजेता महिलाओं को भी पुरस्कृत किया गया।