{"_id":"5dcd47678ebc3e54bf3a4e48","slug":"hammer-in-incroachment-ranikhet-news-hld363938690","type":"story","status":"publish","title_hn":"रानीखेत में अतिक्रमण पर चला छावनी परिषद का हथौड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रानीखेत में अतिक्रमण पर चला छावनी परिषद का हथौड़ा
विज्ञापन
अतिक्रमण तोड़कर टिन को वाहन में रखते कैंट कर्मचारी। अमर उजाला
- फोटो : RANIKHET
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रानीखेत (अल्मोड़ा)। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ छावनी परिषद ने अब अभियान छेड़ दिया है। बता दें कई स्थानों पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायतें थीं। सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए कैंट प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने अतीक मंजिल में बने टिनशेड के निर्माण को ध्वस्त कर दिया। टिनशेड किसने बनाया, उसका पता नहीं चल सका है।
छावनी परिषद अतिक्रमण के खिलाफ सख्त हो गई है। गत माह कैंट के कर्मचारियों ने बद्री व्यू में अवैध रूप से बनाई दीवार को गिराया था। इसके बाद छावनी परिषद में आए दिन अतिक्रमण की शिकायतें आ रही थी। कैंट बोर्ड के सीईओ अभिषेक आजाद ने भी माना कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें अब अधिक आ रही हैं। इसी को देखते हुए कैंट बोर्ड ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की कवायद शुरू की है।
यहां अतीक मंजिल के पास पारंपरिक जल स्रोत वाले रास्ते पर एक टिनशेड का निर्माण किया गया था। छावनी परिषद ने पूर्व में टिनशेड के बाहर नोटिस भी चस्पा किया था, लेकिन टिनशेड निर्माणकर्ता के बारे में कोई भी जानकारी नहीं मिल पाई। परिणामस्वरूप कैंट बोर्ड के अधिकारी कर्मचारियों ने वहां जाकर टिनशेड को ध्वस्त कर दिया। कैंट बोर्ड के जेई गोपाल सिंह का कहना है कि अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभी कई लोगों को नोटिस भी दिए गए हैं। दौरान वहां राजस्व अधीक्षक राजेंद्र पंत, ड्राफ्टसमैन कृपाल सिंह मेहरा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
छावनी परिषद अतिक्रमण के खिलाफ सख्त हो गई है। गत माह कैंट के कर्मचारियों ने बद्री व्यू में अवैध रूप से बनाई दीवार को गिराया था। इसके बाद छावनी परिषद में आए दिन अतिक्रमण की शिकायतें आ रही थी। कैंट बोर्ड के सीईओ अभिषेक आजाद ने भी माना कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें अब अधिक आ रही हैं। इसी को देखते हुए कैंट बोर्ड ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की कवायद शुरू की है।
विज्ञापन
यहां अतीक मंजिल के पास पारंपरिक जल स्रोत वाले रास्ते पर एक टिनशेड का निर्माण किया गया था। छावनी परिषद ने पूर्व में टिनशेड के बाहर नोटिस भी चस्पा किया था, लेकिन टिनशेड निर्माणकर्ता के बारे में कोई भी जानकारी नहीं मिल पाई। परिणामस्वरूप कैंट बोर्ड के अधिकारी कर्मचारियों ने वहां जाकर टिनशेड को ध्वस्त कर दिया। कैंट बोर्ड के जेई गोपाल सिंह का कहना है कि अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभी कई लोगों को नोटिस भी दिए गए हैं। दौरान वहां राजस्व अधीक्षक राजेंद्र पंत, ड्राफ्टसमैन कृपाल सिंह मेहरा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन