फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Government's resolve, every youth of the state should be empowered with science: Dhami

सरकार का संकल्प, प्रदेश का हर युवा हो विज्ञान से सशक्त : धामी

Sat, 14 Feb 2026 12:11 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Sat, 14 Feb 2026 12:11 AM IST
विज्ञापन
Government's resolve, every youth of the state should be empowered with science: Dhami
अल्मोड़ा। प्रदेश में पहली बार मानसखंड विज्ञान केंद्र अल्मोड़ा में शुक्रवार से तीन दिनी 21वां राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय प्रमुखों का सम्मेलन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान केंद्र आज केवल प्रदर्शनी स्थल नहीं रहे, बल्कि नवाचार, अनुभवात्मक शिक्षण और वैज्ञानिक सोच के सशक्त केंद्र बन चुके हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विज्ञान प्रत्येक जिले तक पहुंचे ताकि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों का हर युवा विज्ञान से सशक्त हो सके। मानसखंड विज्ञान केंद्र और महिला प्रौद्योगिकी पार्क जैसी पहलें विज्ञान को जन-आंदोलन और आत्मनिर्भरता का माध्यम बना रही हैं। मुख्य अतिथि सांसद अजय टम्टा ने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में स्वदेशी नवाचार वैज्ञानिक दृष्टिकोण का परिणाम हैं। उन्होंने वर्ष 2027 के विजन को ध्यान में रखते हुए इन उपलब्धियों को प्रयोगशालाओं से निकालकर समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की अपील की। यू-कॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि आज विज्ञान और नवाचार को शिक्षा, शोध, नीति और समाज से जोड़ने वाले एक सशक्त एवं समावेशी मॉडल की आवश्यकता है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य बनने जा रहा है जहां इसके प्रत्येक 13 जिलों में विज्ञान केंद्र की स्थापना की जा रही है। शीघ्र ही चंपावत में यह केंद्र बनकर तैयार हो जाएगा। मानसखंड विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि केंद्र की ओर से विद्यार्थियों, शिक्षकों, सामान्य जन, वन पंचायत सदस्यों एवं शोधार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 28,157 तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक 10,976 आगंतुक केंद्र का भ्रमण कर चुके हैं, जो इसे क्षेत्रीय स्तर पर विज्ञान और शिक्षा का एक प्रभावी केंद्र सिद्ध करता है। इस दौरान जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वीपीकेएएस के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत, गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालय संस्थान कोसी के निदेशक डॉ. आईडी भट्ट, यू-कॉस्ट उत्तराखंड सरकार के इमेरिट्स वैज्ञानिक डॉ. गिरीश नेगी ने विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाकर होगा समृद्ध समाज का निर्माण

एनसीएसएम के डिप्टी डायरेक्टर जनरल अनुराग कुमार ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समाज की प्रगति की आधारशिला बताया। कहा कि विज्ञान संग्रहालय आज वैज्ञानिक संवाद, नवाचार और अनुभवात्मक शिक्षण के प्रभावी केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सहयोग और सामूहिक प्रयासों से विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाकर भविष्य के लिए एक जागरूक, जिज्ञासु और नवाचार–समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सकता है।


इन विषयों पर होगा विचार विमर्श

तीन दिवसीय सम्मेलन के अंतर्गत कुल चार तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन के दौरान विज्ञान संग्रहालयों की बदलती भूमिका, डिजिटल एवं इंटरैक्टिव तकनीकों का उपयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित आधुनिक प्रदर्शन, विज्ञान संचार के नवाचारी मॉडल व बच्चों और युवाओं को विज्ञान से जोड़ने के भविष्य-उन्मुख उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed