{"_id":"5908663d4f1c1bcf3a442da4","slug":"goshala-ash-cow-and-cub-burnt-alive-by-forest-fires","type":"story","status":"publish","title_hn":"जंगल की आग से गोशाला राख, गाय और बछिया जिंदा जली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जंगल की आग से गोशाला राख, गाय और बछिया जिंदा जली
अमर उजाला ब्यूराे अल्माेड़ा
Updated Tue, 02 May 2017 10:30 PM IST
विज्ञापन
अग्निकांड का मुआयना करने पहुंचे राजस्व अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जंगल की आग बड़ेत गांव के एक गौशाला तक पहुंच गई। वहां बंधी गाय और बछिया अग्निकांड की भेंट चढ़ गई। घर की मालकिन घटना के वक्त घर पर नहीं थी। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन
बताया गया है कि सोमवार की देर शाम रौंणीतोक जंगल में भीषण आग लगी हुई थी, शाम होते-होते वह आग कफड़ा के बड़ेत गांव तक पहुंच गई और प्रेमा देवी पत्नी खीम सिंह के गोशाले को चपेट में ले लिया। गोशाले के अंदर गाय और एक बछिया बंधी थी, जिनकी झुलसने से मौत हो गई।। इस बीच ग्रामीण आग बुझाने का प्रयास करने लगे।
विज्ञापन
आग इतनी प्रचंड थी कि ग्रामीणों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। यदि समय पर आग पर काबू नहीं पाया जाता तो पूरा गांव आग की चपेट में आ सकता था। सूचना के बाद राजस्व उप निरीक्षक पूनम राज, राजस्व निरीक्षक नवीन चंद्र ने मौका मुआयना किया। पूर्व प्रधान बचे सिंह बिष्ट सहित तमाम ग्रामीणों ने घटना पर दुख जताया है और प्रभावित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में आग लगी है, लेकिन वन विभाग को इससे कोई सरोकार नहीं है।
विज्ञापन