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देवों का देव हौला त्रिज्यूगी नारायणा,
Fri, 12 Apr 2019 11:49 PM IST
दीपक नेगी
चौखुटिया (अल्मोड़ा)।
चौखुटिया (अल्मोड़ा)।
Published by: दीपक नेगी
Updated Fri, 12 Apr 2019 11:49 PM IST
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ौखुटिया के अगनेरी में प्रस्तुति देते बच्चे।
- फोटो : amar ujala
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अगनेरी मंदिर परिसर में चैत्राष्टमी मेले के तीसरे दिन देवी माता की स्तुति से जुड़े भजनों व गीतों की धूम रही।
गेवाड़ सांस्कृतिक कला मंच के कलाकारों ने देवों का देव हौला त्रिज्यूगी नारायणा, जय मईया दूर्गा भवानी, एसएस हित बिष्ट मैमोरियल स्कूल के बच्चों ने लाल चून्नी, कुर्ती ये तेरी काई, फलकी बाजारा की प्रस्तुति दी। व्यक्तित्व विकास पाठशाला के बच्चों ने हौंठों पर मुरली कमर में रूमाला आदि गीतों की प्रस्तुति दी। नव प्रभात स्कूल ने विविधता में एकता का संदेश देती रंगोली बनाई। राउमावि भटकोट के बच्चों ने भी कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संचालन जीवन नेगी, सुरेंद्र मनराल, दिनेश गोस्वामी, महिमा जोशी व सगुन घनस्याल ने संयुक्त रूप से किया।
मेला समिति अध्यक्ष डॉ. कुलदीप बिष्ट, कनिष्ठ प्रमुख ललिता बिष्ट, दिनेश फुलारा, पूरन पंत, पुजारी केवलानंद जोशी, दरबान बिष्ट, लीला जोशी, आनंद नाथ, केवल रावत, दयाल मेहरा, प्रकाश नैनवाल, महादेव बिष्ट, डॉ. मदन चौधरी, मदन कुमयां, आनंद मनराल आदि ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। । इस मौके पर मेले के पहले व दूसरे दिन हुई खेल प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा व्यक्तित्व पाठशाला में नि:शुल्क सेवाएं देने शिक्षकों को सम्मानित किया गया। शिक्षकों में बबीता बिष्ट, हमेलता नेगी, हेम छुपका, बीरेंद्र बिष्ट, डा. लता बिष्ट, गीता नैनवाल, अजय गोस्वामी, ज्यौति जोशी, प्रीति सैनी, नीलम पुरी बिष्ट, देव आर्या, कविता गयाल, ललित टढियाल आदि शामिल थे।
मुख्य मेला आज होगा
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। अगनेरी मंदिर परिसर में चैत्राष्टमी का मुख्य मेला आज शनिवार को होगा। मेले में मईया का डोला जमणियां थोक से लाया जाएगा। इस मौके पर दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कलाकारों द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जाएगी। ब्यूरो
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किलै पहनीछै जींस कमीजा, कां हरैगे तेरी साड़ी
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। धात कला समिति से जुड़े बुजुर्ग कलाकारों भवान राम, देबराम, जसवंत सिंह, अनूली देवी, गोपूली देवी व भूरसिंह आदि ने भगनौल व छपेली आदि की प्रस्तुति से लोगों का ध्यान खींचा। उन्होंने कैले करौछ फोन गोविंदी कैले रोकीछ गाड़ी, किले पहनीछै जींस कमीजा, कां हरैगे तेरी साड़ी आदि गीत प्रस्तुत किए। ब्यूरो
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गेवाड़ सांस्कृतिक कला मंच के कलाकारों ने देवों का देव हौला त्रिज्यूगी नारायणा, जय मईया दूर्गा भवानी, एसएस हित बिष्ट मैमोरियल स्कूल के बच्चों ने लाल चून्नी, कुर्ती ये तेरी काई, फलकी बाजारा की प्रस्तुति दी। व्यक्तित्व विकास पाठशाला के बच्चों ने हौंठों पर मुरली कमर में रूमाला आदि गीतों की प्रस्तुति दी। नव प्रभात स्कूल ने विविधता में एकता का संदेश देती रंगोली बनाई। राउमावि भटकोट के बच्चों ने भी कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संचालन जीवन नेगी, सुरेंद्र मनराल, दिनेश गोस्वामी, महिमा जोशी व सगुन घनस्याल ने संयुक्त रूप से किया।
मेला समिति अध्यक्ष डॉ. कुलदीप बिष्ट, कनिष्ठ प्रमुख ललिता बिष्ट, दिनेश फुलारा, पूरन पंत, पुजारी केवलानंद जोशी, दरबान बिष्ट, लीला जोशी, आनंद नाथ, केवल रावत, दयाल मेहरा, प्रकाश नैनवाल, महादेव बिष्ट, डॉ. मदन चौधरी, मदन कुमयां, आनंद मनराल आदि ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। । इस मौके पर मेले के पहले व दूसरे दिन हुई खेल प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा व्यक्तित्व पाठशाला में नि:शुल्क सेवाएं देने शिक्षकों को सम्मानित किया गया। शिक्षकों में बबीता बिष्ट, हमेलता नेगी, हेम छुपका, बीरेंद्र बिष्ट, डा. लता बिष्ट, गीता नैनवाल, अजय गोस्वामी, ज्यौति जोशी, प्रीति सैनी, नीलम पुरी बिष्ट, देव आर्या, कविता गयाल, ललित टढियाल आदि शामिल थे।
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मुख्य मेला आज होगा
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। अगनेरी मंदिर परिसर में चैत्राष्टमी का मुख्य मेला आज शनिवार को होगा। मेले में मईया का डोला जमणियां थोक से लाया जाएगा। इस मौके पर दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कलाकारों द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जाएगी। ब्यूरो
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किलै पहनीछै जींस कमीजा, कां हरैगे तेरी साड़ी
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। धात कला समिति से जुड़े बुजुर्ग कलाकारों भवान राम, देबराम, जसवंत सिंह, अनूली देवी, गोपूली देवी व भूरसिंह आदि ने भगनौल व छपेली आदि की प्रस्तुति से लोगों का ध्यान खींचा। उन्होंने कैले करौछ फोन गोविंदी कैले रोकीछ गाड़ी, किले पहनीछै जींस कमीजा, कां हरैगे तेरी साड़ी आदि गीत प्रस्तुत किए। ब्यूरो