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उत्तराखंड में रंगमंच के विकास में गिर्दा का अहम योगदान : जहूर
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 11 Sep 2017 11:45 PM IST
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गिर्दा को याद किया
- फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। अजीम प्रेम जी फाउंडेशन की ओर से प्रसिद्ध जन कवि और रंगकर्मी गिरीश तिवारी गिर्दा की स्मृति में यहां राजकीय बालिका इंटर कालेज अल्मोड़ा में आयोजित संवाद कार्यक्रम में नाट्य संस्था युगमंच नैनीताल के संस्थापक सदस्य और वरिष्ठ रंगकर्मी जहूर आलम ने कहा कि गिर्दा बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उत्तराखंड में रंगमंच के विकास में उनका अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में कर्मचारी रहने के दौरान भी उन्होंने अपनी बेबाक लेखनी से पहाड़ की पीड़ा को बयां किया।
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मुख्य वक्ता जहूर आलम ने गिर्दा के रंगकर्म और सांस्कृतिक क्षेत्र में दिए योगदान पर व्यापक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रंगमंच के विकास में गिर्दा की अहम भूमिका रही है। नैनीताल में अंधायुग नाटक के मंचन के बाद नाट्य संस्था युगमंच की स्थापना की। इस संस्था के कई कलाकार नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक पहुंचे।
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इस मौके पर ईश्वर जोशी, महेश जोशी, अनिल कार्की और साथियों ने गिर्दा के जनगीत गाए। आंदोलन के दौरान गिर्दा के साथ रहे अधिवक्ता पीसी तिवारी, ईश्वर जोशी, डा. निर्मल जोशी, महेश जोशी, डा. दीवान नगरकोटी ने गिर्दा से जुड़ी यादें ताजा की। संचालन करते हुए अजीम प्रेम जी फाउंडेशन के डा. दीवान नगरकोटी ने सभी का आभार जताया। इस अवसर पर संजय जोशी, हेम भट्ट, गिरीश जोशी, जिला शिक्षा तथा प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के डा. हरीश जोशी, बीसी पांडे, पूरन चंद्र तिवारी, डा. हयात रावत, सभासद अशोक पांडे आदि मौजूद थे।
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